हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 400 सड़कों को आवागमन के लिए बंद किया गया

हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 400 सड़कों को आवागमन के लिए बंद किया गया

हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 400 सड़कों को आवागमन के लिए बंद किया गया
Modified Date: August 24, 2025 / 03:52 pm IST
Published Date: August 24, 2025 3:52 pm IST

शिमला, 24 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश में कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी स्तर की बारिश के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 400 सड़कों को वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंडी जिले में 221 और निकटवर्ती कुल्लू में 102 सड़कें बंद हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 3 (मंडी-धर्मपुर रोड) और एनएच 305 (औट-सैंज रोड) भी बंद हैं।

अधिकारियों के अनुसार राज्य में 208 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 51 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुईं।

स्थानीय मौसम विभाग ने 30 अगस्त तक राज्य के दो से सात जिलों के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

शनिवार रात से राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई है। पंडोह में सबसे अधिक 123 मिलीमीटर, कसौली में 105 मिलीमीटर, जोत में 104.6 मिलीमीटर और मंडी तथा करसोग में 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने बताया कि नादौन में 52.8 मिलीमीटर, जोगिंदरनगर में 54 मिलीमीटर, बग्गी में 44.7 मिलीमीटर, धरमपुर में 44.6 मिलीमीटर, भट्टियात में 40.6 मिलीमीटर, पालमपुर में 33.2 मिलीमीटर, नेरी में 31.5 मिलीमीटर और सराहन में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने बताया कि सुंदरनगर, शिमला, भुंतर, जोत, मुरारी देवी, जुब्बड़हट्टी और कांगड़ा में गरज के साथ बारिश हुई।

एसईओसी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से कम से कम 152 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 लापता हैं।

राज्य में अब तक 75 बार अचानक बाढ़ आने, 40 बार बादल फटने और 74 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं और कुल 97 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 51 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश को बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,347 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

राज्य में मानसून के दौरान एक जून से 24 अगस्त तक सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक 662.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि औसत बारिश 571.4 मिलीमीटर होती है।

भाषा

जोहेब देवेंद्र

देवेंद्र


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