तेलंगाना में 56 प्रमुख जातियों के 47 प्रतिशत युवाओं ने की अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई: जाति सर्वेक्षण

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तेलंगाना में 56 प्रमुख जातियों के 47 प्रतिशत युवाओं ने की अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई: जाति सर्वेक्षण

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 06:48 PM IST

हैदराबाद, 17 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना की कांग्रेस सरकार द्वारा 2024-2025 में कराए गए जाति सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में 56 प्रमुख जातियों में औसतन 47 प्रतिशत युवाओं ने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की है, हालांकि अलग-अलग जातियों के बीच अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने वालों की दर में काफी अंतर है।

अनुसूचित जाति (एससी) माला समुदाय में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने वालों की दर राज्य के औसत 47 प्रतिशत के बराबर है, वहीं अधिकतर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एससी) समूह इससे नीचे हैं।

जाति जनगणना की रिपोर्ट में कहा गया है, “तेलंगाना की 56 प्रमुख जातियों में प्रत्येक जाति के 30 वर्ष से कम आयु के औसतन 47 प्रतिशत लोगों ने अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई की है। हालांकि, इसमें व्यापक अंतर है। हालांकि अगर अलग-अलग जाति के हिसाब से देखें तो ओसी ब्राह्मण और ओसी कोमाटी में ऐसे लोगों का प्रतिशत 72 जबकि एसटी कोलम में महज 11 है।”

उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले स्वतंत्र विशेषज्ञ कार्य समूह (आईईडब्ल्यूजी) ने जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट का अध्ययन करके यह विश्लेषण किया है।

रिपोर्ट में एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों में आर्थिक पिछड़ेपन को उजागर करते हुए कहा गया है कि अचानक होने वाले चिकित्सा खर्च या परिवार में शादी जैसे कारणों की वजह से लोग कर्ज के जाल में फंस रहे हैं।

इसमें कहा गया है कि राज्य में 1.1 करोड़ लोग अत्यंत गरीबी में जी रहे हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत लोग चार जातियों एससी में मडिगा, एसटी में लम्बाडी, बीसी में मुदिराज और यादव से संबंध रखते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यंत गरीबी में जी रहे इन लोगों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से भी कम है।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया है कि राज्य में 25.1 प्रतिशत परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल