‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सस्टेनेबिलिटी’ रैंकिंग में 56 भारतीय विश्वविद्यालय शामिल

‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सस्टेनेबिलिटी’ रैंकिंग में 56 भारतीय विश्वविद्यालय शामिल

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  • Publish Date - December 5, 2023 / 07:16 PM IST,
    Updated On - December 5, 2023 / 07:16 PM IST

नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सस्टेनेबिलिटी’ रैंकिंग में जगह बनाने वाले 56 भारतीय विश्वविद्यालयों में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) शीर्ष पर है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह घोषणा की।

डीयू के बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई और मद्रास हैं।

कुल मिलाकर, टोरंटो विश्वविद्यालय ने पहली रैंक हासिल की है, उसके बाद कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले (यूसीबी) और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

वैश्विक उच्च शिक्षा विश्लेषक क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा संकलित ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: सस्टेनेबिलिटी 2024’ में 95 देशों और क्षेत्रों के 1,397 संस्थान शामिल हैं, जो पिछले साल के प्रायोगिक संस्करण में प्रदर्शित संख्या से दोगुने से भी अधिक है।

सामाजिक प्रभाव, पर्यावरणीय प्रभाव और शासन के आधार पर विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करते हुए, रैंकिंग यह आकलन करने के लिए एक अद्वितीय और विस्तृत रूपरेखा प्रदान करती है कि विश्वविद्यालय दुनिया की सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए कैसे कार्रवाई कर रहे हैं।

क्यूएस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेन सोटर ने कहा, “भारत, दुनिया के सबसे बड़े कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जकों में से एक के रूप में, एक विकट चुनौती का सामना कर रहा है और 2070 तक शुद्ध शून्य (उत्सर्जन) का लक्ष्य हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए भारी जिम्मेदारी उठा रहा है। इस संदर्भ में, भारतीय विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी संख्या में विस्तार और गुणवत्ता में सुधार जारी है।”

विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन तीन मापदंडों पर किया गया है —पर्यावरणीय प्रभाव, सामाजिक प्रभाव और शासन।

लंदन स्थित क्यूएस ने एक बयान जारी कर कहा, “पर्यावरणीय प्रभाव से संबंधित संकेतकों में भारत उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है।” इसमें कहा गया कि रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 100 में चार भारतीय विश्वविद्यालय हैं, जिनमें वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) 49वें स्थान के साथ एशिया के शीर्ष 10 संस्थानों में शामिल है।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप