दिल्ली में कोविड-19 की मौजूदा लहर में जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीजों ने टीके नहीं लगवाए थे: जैन

दिल्ली में कोविड-19 की मौजूदा लहर में जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीजों ने टीके नहीं लगवाए थे: जैन

दिल्ली में कोविड-19 की मौजूदा लहर में जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीजों ने टीके नहीं लगवाए थे: जैन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:11 pm IST
Published Date: January 14, 2022 2:59 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की मौजूदा लहर में जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने टीके नहीं लगवाए थे।

मंत्री ने यह भी बताया कि शहर में आज 25 हजार से कम नए मामले सामने आ सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के सर्वाधिक 28,867 नए ममाले सामने आए थे, जबकि 31 और मरीजों की इससे मौत हो गई थी। वहीं, संक्रमण दर बढ़कर 29.21 प्रतिशत हो गई थी।

इससे पहले, दिल्ली में 20 अप्रैल 2021 को सर्वाधिक 28,395 दैनिक मामले सामने आए थे।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नौ जनवरी से 12 जनवरी के बीच जिन 97 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से 70 लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ था, जबकि 19 ने टीके की पहली खुराक ली थी। वहीं, आठ का पूर्ण टीकाकरण हो चुका था। उनके अलावा सात नाबालिग थे।

जैन ने कहा, ‘‘ कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 75 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने टीके की एक खुराक भी नहीं ली थी। 90 प्रतिशत मरीजों को कैंसर और गुर्दे संबंधी गंभीर बीमारियां थीं। यहां तक कि 18 साल से कम उम्र के सात मरीजों को भी पहले से कोई बीमारी थी।’’

उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति जिसकी मौत हो गई, उसने कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की थी और उसे इसलिए ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मंत्री ने कहा, ‘‘ संक्रमित पाए जाने के तीन दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी।’’

जैन ने बताया कि अस्पतालों में संक्रमितों के लिए आरक्षित 13000 से अधिक बिस्तर (बेड) खाली हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संख्या स्थिर है और रोजाना भर्ती कराए जाने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। यह एक बड़ी राहत की बात है।’’

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार तक अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के आरक्षित 15,433 बिस्तरों में से 2,424 पर मरीज थे।

भाषा निहारिका शाहिद

शाहिद


लेखक के बारे में