ओडिशा में लूनिया गोलीकांड की 84वीं बरसी मनाई गई
ओडिशा में लूनिया गोलीकांड की 84वीं बरसी मनाई गई
भद्रक (ओडिशा), 21 सितंबर (भाषा) स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की महत्वपूर्ण और दुखद घटनाओं में से एक लूनिया गोलीकांड की 84वीं बरसी मंगलवार को ओडिशा में मनाई गई।
ओडिशा के भद्रक में लूनिया गांव के पास एक खुले मैदान में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 22 सितंबर 1942 को बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। ब्रिटिश पुलिस द्वारा उन पर गोलीबारी किए जाने के बाद नौ लोग शहीद हो गए थे।
इस घटना की याद में उसी स्थान पर एक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक और राज्य के संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने भाग लिया।
घटना में शहीद हुए लोगों में अगनी साहू, गोपीनाथ जेना, नवकिशोर नायक, गौरा जेना, चिंतामणि दास, शंकर बेहरा, कृष्ण महालिक, श्याम महालिक और बलराम बेहरा शामिल थे।
शहीदों के वंशजों ने हालांकि स्मारक और परिसर की उपेक्षा तथा उचित रख-रखाव के अभाव की निंदा की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने वंशजों को आर्थिक मदद, मुफ़्त स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा व रोजगार के विशेष अवसर देने का वादा किया था, लेकिन आज तक इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि इस दिवस का वार्षिक आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर रह गया है, जहां आयोजक कार्यक्रम के समापन से पहले उन्हें सम्मानित करते हैं।
शहीदों में से एक के वंशज सुब्रत साहू ने कहा कि मौजूदा ओडिशा सरकार ने अभी तक शहीदों के परिवारों का कोई सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण शुरू नहीं किया है।
हालांकि, लूनिया गांव की सरपंच अनुसया नायक ने कहा कि राज्य की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ने आसपास के तालाबों के सौंदर्यीकरण और ‘शहीद स्तंभ’ के पास एक स्मारक भवन के निर्माण की शुरुआत की है।
भाषा प्रचेता प्रशांत
प्रशांत

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