एलसीए एमके-1ए लड़ाकू विमान का बेसब्री से इंतजार:एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित
एलसीए एमके-1ए लड़ाकू विमान का बेसब्री से इंतजार:एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित
नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने ‘एचएएल तेजस’ हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) के ‘एमके-1ए’ संस्करण की आपूर्ति में देरी की पृष्ठभूमि में मंगलवार को कहा कि विमान में इंजन लगा दिए गए हैं और इसे वायुसेना में शामिल किए जाने से पहले उचित एवं व्यापक परीक्षण किए जा रहे हैं।
बहुपक्षीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ‘एलसीए एमके-1ए’ की स्थिति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दीक्षित ने कहा कि भारतीय वायुसेना भी “इस लड़ाकू विमान के शामिल होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है।”
उन्होंने कहा, “एचएएल ने स्पष्ट किया है कि शुरुआत में इंजन की ओर से देरी हुई थी… हमें पर्याप्त संख्या में इंजन नहीं मिल पाए थे। अब हमें इंजन मिल गए हैं और उन्हें विमान में लगा दिया गया है। विमान को शामिल किए जाने से पहले हम उचित और व्यापक परीक्षण कर रहे हैं।”
दीक्षित ने कहा, “अभी दो-तीन हिस्सों का परीक्षण की कसौटी पर खरा उतरना बाकी है। मुझे लगता है कि हम उस तकनीकी समस्या को एक-दो महीने में दूर कर लेंगे। इसके बाद, विमान को शामिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा।”
हालांकि, उन्होंने ऐसे विमानों की संख्या नहीं बताई, जिनमें इंजन लगा दिए गए हैं और न ही इनकी आपूर्ति के संभावित समय के बारे में कोई जानकारी दी।
‘एमके-1ए’ संस्करण की आपूर्ति में देरी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठा चुके हैं।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की ओर से बेंगलुरु में हाल में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसी परियोजनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है, क्योंकि इनमें देरी से रक्षा से जुड़ी अहम जरूरतों में कमी आ सकती है और लागत भी बढ़ सकती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 13 जनवरी 2021 को 45,696 करोड़ रुपये की लागत से 73 एलसीए तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमान और 10 एलसीए तेजस एमके-1 प्रशिक्षण विमान खरीदने की मंजूरी दे दी थी। समिति ने 1,202 करोड़ रुपये की लागत वाले डिजाइन, विकास और अवसंरचना संबंधी कामों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी थी।
एलसीए तेजस एमके-1ए देश में ही विकसित और निर्मित चौथी पीढ़ी का एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि यह लड़ाकू विमान ‘एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे’ (एईएसए) रडार, ‘बियॉन्ड विजुअल रेंज’ (बीवीआर) मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण और हवा से हवा में ईंधन भरने (एएआर) जैसी महत्वपूर्ण परिचालन क्षमताओं से लैस है, जो इसे भारतीय वायुसेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सक्षम मंच बनाती हैं।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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