नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत में 973 पृष्ठों का आरोप पत्र दाखिल किया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी थाने ने जांच पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को अदालत में आरोप पत्र दायर किया। अधिकारियों ने बताया कि मामला 18 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
पुलिस ने कहा कि आरोपी राहुल मीणा (23) घर में पहले घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था और वित्तीय कदाचार के कारण इस साल फरवरी में उसे नौकरी से निकाला गया था। यह घटना 22 अप्रैल को ईस्ट ऑफ कैलाश के कैलाश हिल्स इलाके में हुई थी।
घटना के वक्त सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही आईआईटी स्नातक लड़की के माता-पिता जिम गए हुए थे और जब वे घर लौटे तो वह उन्हें मृत मिली।
पुलिस के अनुसार, मीणा (23) उस सुबह परिसर में रखी अतिरिक्त चाबी का उपयोग करके घर में दाखिल हुआ। उसे पता था कि दूसरी चाबी कहां रखी होती है। पुलिस ने कहा कि उसने पैसे देने से मना करने पर युवती के साथ बलात्कार किया और मोबाइल फोन चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया।
पुलिस ने कहा कि इसके बाद आरोपी ने पांच लाख रुपये से सात लाख रुपये तक की नकदी चुराई, पीड़िता के भाई के कपड़े पहने और घर से भाग गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोप पत्र में कहा गया है कि अपराध स्थल से लिए गए उंगलियों के निशान, हथेली के निशान और अंगूठे के निशान आरोपी से मेल खाते हैं और उसका डीएनए पीड़िता के शरीर से एकत्र किए गए नमूनों से मेल खाता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘जांच में केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के विशेषज्ञों द्वारा किए गए व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों का भी इस्तेमाल किया गया। अपराध स्थल और अन्य स्थानों से एकत्र किए गए साक्ष्यों की सीएफएसएल के भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान प्रभागों में जांच की गई। फोरेंसिक रिपोर्ट में मिले सकारात्मक निष्कर्षों ने अभियोजन पक्ष के मामले की पुष्टि की।”
पुलिस ने कहा कि सीएफएसएल की विशेषज्ञ टीमों द्वारा अपराध स्थल की गहन जांच की गई।
जांच के दौरान सीएफएसएल के विशेषज्ञों ने आरोपी का व्यवहार विश्लेषण साक्षात्कार और लेयर्ड वॉयस एनालिसिस (एलवीए) भी किया।
पुलिस ने कहा कि अपराध से पहले और बाद में आरोपी द्वारा अपनाए गए मार्ग का पता लगाने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। फुटेज में मीणा को सुबह करीब 6:30 बजे कथित तौर पर आवासीय परिसर में प्रवेश करते और लगभग 7:20 बजे वहां से बाहर निकलते हुए देखा गया।
मीणा को 22 अप्रैल को शाम में द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की निशानदेही पर लूटा गया सारा माल बरामद कर लिया गया। जांचकर्ताओं ने कई लोगों से पूछताछ भी की। इनमें पड़ोसी, सुरक्षा गार्डों, घरेलू सहायक, मजदूरों, चालक, सफाईकर्मियों, ऑटो-रिक्शा चालक, टैक्सी चालक और अपराध स्थल के आसपास मौजूद अन्य लोग शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘साथ ही, सुरागों की पुष्टि करने, सबूत इकट्ठा करने और अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए पुलिस टीमों को राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया।’
अधिकारी ने बताया कि मीणा को जुए की लत थी और ऑनलाइन गेमिंग ऐप्लिकेशन के कारण उस पर पांच से सात लाख रुपये का कर्ज था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर जांच अधिकारियों को बताया कि वह घर ‘‘सिर्फ पैसे मांगने’’ गया था और यह अपराध ‘‘बस हो गया’’।
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 183 के तहत बयान दर्ज किए गए और अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी कड़ी स्थापित करने के लिए कुल 82 गवाहों को सूचीबद्ध किया है।
भाषा नोमान नोमान वैभव
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