नयी सरकार के गठन पर चर्चा के लिए जल्द ही भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी: खेमचंद

नयी सरकार के गठन पर चर्चा के लिए जल्द ही भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी: खेमचंद

नयी सरकार के गठन पर चर्चा के लिए जल्द ही भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी: खेमचंद
Modified Date: February 20, 2025 / 07:16 pm IST
Published Date: February 20, 2025 7:16 pm IST

इम्फाल, 20 फरवरी (भाषा) मणिपुर के पूर्व मंत्री युमनाम खेमचंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में नयी सरकार के गठन से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने के लिए जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी।

पूर्व नगर प्रशासन, आवास एवं शहरी विकास मंत्री खेमचंद ने भाजपा विधायकों के बीच अलग-अलग गुटों के अस्तित्व और एक नयी क्षेत्रीय पार्टी के गठन की संभावना के दावों को भी खारिज कर दिया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ए शारदा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री पद से एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद विधायकों की कोई बैठक नहीं हुई है। पहले जब हमारे पास विधायक दल का नेता होता था, तो हम एक साथ बैठकर मुद्दों पर चर्चा करते थे। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ही हमारे नेता हैं। जल्द ही पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी।’’

खेमचंद ने कहा, ‘‘बैठक के दौरान हम नई सरकार के गठन से संबंधित मामलों पर चर्चा करेंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या सात कुकी भाजपा विधायक बैठक में शामिल होंगे, खेमचंद ने कहा कि इसकी संभावना नहीं है, क्योंकि जातीय संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा स्थिति के कारण वे इंफाल नहीं पहुंच पाएंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा विधायकों में अलग-अलग खेमे हैं और क्या किसी नयी क्षेत्रीय पार्टी के गठन की संभावना है, खेमचंद ने कहा, ‘‘हमने भी मीडिया में इस बारे में सुना है। भाजपा विधायक एकजुट हैं। उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। नयी क्षेत्रीय पार्टी के गठन का कोई सवाल ही नहीं है। यदि कोई ऐसा सोच रहा है, तो वह दिवास्वप्न देख रहा है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या नयी सरकार बनने पर नया नेता (मुख्यमंत्री) चुना जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में केंद्रीय नेताओं को फैसला करने दीजिए।’’

मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। इससे कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यहां राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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