नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के 12 साल पूरे होने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे लंबे समय तक भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री होने की उपलब्धि हासिल करने के उपलक्ष्य में बुधवार को राजग की बैठक आयोजित की जाएगी।
सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी घटक दलों के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।
मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले व्यक्ति बन गए हैं और उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
सूत्रों के अनुसार, राजग सहयोगियों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित होने की संभावना है।
नेहरू के 1952 के आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को मोदी 10 जून को पीछे छोड़ देंगे। नेहरू का कार्यकाल 1947 से 1952 तक एक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में था क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यकाल 14 वर्ष का था, जो मोदी के कार्यकाल से अधिक है, लेकिन उनका प्रधानमंत्री पद निर्बाध नहीं था।
सूत्रों के अनुसार, नेहरू के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़कर मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद मोदी ने 26 मई, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। वर्ष 2019 में उन्हें और अधिक जनादेश के साथ से पुनः चुना गया और उनका दूसरा कार्यकाल उसी वर्ष 30 मई को शुरू हुआ। उनका तीसरा कार्यकाल नौ जून, 2024 को शुरू हुआ।
भारत मंडपम में होने वाली राजग की बैठक में राजग शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, साथ ही गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता शामिल होंगे।
इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
राजग के घटक दलों के केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू (तेदेपा), राजीव रंजन सिंह (जदयू), एच. डी. कुमारस्वामी (जद-एस) और अनुप्रिया पटेल (अपना दल-सोनेलाल) के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, राजग के नेताओं और केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार की सुगमता’ को बढ़ावा देने से संबंधित दृष्टिकोणों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के साझा सपने को साकार करने के लिए आगे सुधार लाने के तरीकों पर चर्चा होगी।
भाषा संतोष पवनेश
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