Newspaper Ban in Govt Office: मंत्रियों और अधिकारियों के बंगले ऑफिस में नहीं आएगा अखबार, बीजेपी सरकार ने खर्चों में कटौती करने लिए फैसला, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

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Newspaper Ban in Govt Office: मंत्रियों और अधिकारियों के बंगले ऑफिस में नहीं आएगा अखबार, बीजेपी सरकार ने खर्चों में कटौती करने लिए फैसला, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

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  • Publish Date - August 1, 2026 / 01:19 PM IST,
    Updated On - August 1, 2026 / 01:22 PM IST

Newspaper Ban in Govt Office: मंत्रियों और अधिकारियों के बंगले ऑफिस में नहीं आएगा अखबार, बीजेपी सरकार ने खर्च बचाने लिए फैसला, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • मंत्रियों और सरकारी कार्यालयों में अखबार व प्रिंट पत्रिकाओं की आपूर्ति बंद
  • सभी मंत्री अब डिजिटल माध्यम से समाचार पढ़ेंगे
  • ऑनलाइन न्यूज और ई-पेपर की सदस्यता का खर्च सरकार उठाएगी

मुंबई: Newspaper Ban in Govt Office आज के आधुनिक युग में युवा ऑनलाइन माध्यम का क्रेज तेजी से बढ़ा है। चाहे समाचार पढ़ना हो या किसी भी संबंध में जानकारी हासिल करना हो, बस एक क्लिक में सारी जानकारी मोबाइल पर आ जाती है। ऐसे में अब महाराष्ट्र की सरकार ने मंत्रियों और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने की बड़ी पहल की है। सरकार ने 1 सितंबर से सभी मंत्रियों और सरकारी कार्यालयों में अखबार पर रोक लग दी है। अब प्रदेश में अखबार सिर्फ सीएम कार्यालय में ही आएगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।

मंत्रियों और अधिकारियों के लिए अखबार पर प्रतिबंध

Newspaper Ban in Govt Office सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 1 सितंबर से मुख्यमंत्री के कार्यालय और सरकारी निवास को छोड़कर उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और सरकारी कार्यालयों में अखबार और प्रिंट पत्रिका की आपूर्ति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे में अब अखबार और पत्रिकाओं के लिए मंत्रियों को स्वयं खर्च करना होगा। हालांकि ऑनलाइन समाचार और पत्रिकाओं के लिए मंत्रियों की सदस्यता का खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। इसके लिए होने वाले बिल उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के कार्यालयों के माध्यम से संबंधित प्रशासनिक विभागों को प्रस्तुत किए जाएंगे।

डिजिटल माध्यम से पढ़ना होगा समाचार

शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस व्यवस्था पर होने वाला खर्च संबंधित प्रशासनिक विभाग अपने उपलब्ध कार्यालयीन व्यय मद के अंतर्गत आवंटित निधि से वहन करेंगे। आदेश में कहा गया है कि विभाग से डिप्टी चीफ मिनिस्टर, मिनिस्टर और स्टेट मिनिस्टर ऑफिस और घरों को सप्लाई होने वाले न्यूजपेपर और मैगजीन 1 सितंबर 2026 से बंद किए जा रहे हैं।

ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन का खर्च उठाएगी सरकार

आदेश में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री के घर और ऑफिस में अखबार और मैगजीन देने का मौजूदा तरीका जारी रखा जाना चाहिए। इन कामों पर होने वाला खर्च इसी डिपार्टमेंट से मंजूर किया जाएगा। अखबारों का ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन लेकर उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्री के ऑफिस और घरों पर अखबार और मैगजीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, इस बारे में पेमेंट उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्री के ऑफिस के जरिए संबंधित एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट को जमा किया जाना चाहिए।

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सरकार ने अखबारों पर क्या फैसला लिया है?

सरकार ने 1 सितंबर 2026 से मुख्यमंत्री कार्यालय और सरकारी निवास को छोड़कर मंत्रियों और सरकारी कार्यालयों में प्रिंट अखबार व पत्रिकाओं की आपूर्ति बंद करने का आदेश जारी किया है।

क्या सभी सरकारी कार्यालयों में अखबार बंद होंगे?

मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री के सरकारी निवास को छोड़कर अधिकांश मंत्री कार्यालयों और सरकारी कार्यालयों में प्रिंट अखबार बंद कर दिए जाएंगे।

क्या मंत्रियों को अब अखबार नहीं मिलेगा?

यदि मंत्री प्रिंट अखबार पढ़ना चाहते हैं तो उसका खर्च उन्हें स्वयं वहन करना होगा।

ऑनलाइन न्यूज और ई-पेपर का खर्च कौन देगा?

ऑनलाइन समाचार और ई-पेपर की सदस्यता का खर्च महाराष्ट्र सरकार संबंधित प्रशासनिक विभागों के माध्यम से वहन करेगी।

यह नया नियम कब से लागू होगा?

यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होगी।