टिपरा मोथा के एक विधायक ने अमित शाह को पत्र लिखकर त्रिपुरा में घुसपैठ रोकने की अपील की

टिपरा मोथा के एक विधायक ने अमित शाह को पत्र लिखकर त्रिपुरा में घुसपैठ रोकने की अपील की

टिपरा मोथा के एक विधायक ने अमित शाह को पत्र लिखकर त्रिपुरा में घुसपैठ रोकने की अपील की
Modified Date: May 29, 2026 / 04:16 pm IST
Published Date: May 29, 2026 4:16 pm IST

अगरतला, 29 मई (भाषा) टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के विधायक रंजीत देबबर्मा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उनसे त्रिपुरा में अवैध प्रवासियों का पता लगाने, उन्हें हिरासत में लेने और वापस भेजने की अपील की।

शाह को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों का मुद्दा देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता के लिए ‘अत्यंत संवेदनशील एवं खतरनाक’ है। उन्होंने राज्य के बाहर से आने वालों के लिए ‘इनर लाइन परमिट’ लागू करने के वास्ते केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘कमजोर प्रशासन तथा बेईमान नेताओं और अधिकारियों की प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष मदद का फायदा उठाते हुए अवैध विदेशी राज्य में प्रवेश कर रहे हैं।’’

देबबर्मा ने दावा किया कि त्रिपुरा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने वाले अधिकतर अवैध प्रवासी कई राज्यों में जाकर अशांति फैला रहे हैं।

टीएमपी विधायक ने आरोप लगाया, ‘‘कुछ अवैध प्रवासी रोजी-रोटी कमाने के लिए काम करते हैं, लेकिन कुछ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं।’’

देबबर्मा ने दावा किया कि घुसपैठिए सीमावर्ती राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना को बदल रहे हैं, बेरोजगारी और भूमि संबंधी समस्याएं पैदा कर रहे हैं तथा सीमा पार अपराध में लिप्त हैं।

विधायक ने कहा, ‘‘यह बड़े दुख की बात है कि इस पूर्वोत्तर राज्य में किसी भी सरकारी तंत्र ने अवैध प्रवासियों के इतने संवेदनशील मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की है। मैं केंद्र और राज्य सरकार को घुसपैठ रोकने के उद्देश्य से सीमावर्ती राज्य में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) लागू करने के लिए लिख चुका हूं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।’’

उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर उच्चस्तरीय समिति गठित करने के लिए केंद्र सरकार की प्रशंसा की तथा इसे ‘कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया एक समयोचित कदम’ बताया।

देबबर्मा ने पांच जून को राज्य के प्रस्तावित दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करने की भी इच्छा व्यक्त की।

भाषा राजकुमार मनीषा

मनीषा


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