रामचंद्रन की पहलगाम हमले में मौत के एक साल बाद परिवार ने कहा: कुछ भी नहीं बदला

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रामचंद्रन की पहलगाम हमले में मौत के एक साल बाद परिवार ने कहा: कुछ भी नहीं बदला

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 01:29 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 01:29 PM IST

कोच्चि, 21 अप्रैल (भाषा) पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 पर्यटकों में से एक एन रामचंद्रन के परिवार के लिए एक साल बाद भी कुछ नहीं बदला है और उनके परिजन अभी भी उनकी असामयिक मृत्यु के सदमे से उबर नहीं सके हैं।

रामचंद्रन (65) अपनी पत्नी, बेटी और नाती-नातिन के साथ कश्मीर में छुट्टियां मना रहे थे। इस दौरान आतंकवादियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।

इस हमले से पूरे देश में सदमे की लहर फैल गई थी, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

आरती आर मेनन की आंखों के सामने उनके पिता रामचंद्रन की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के बारे में उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “और क्या कहूं। मैं कुछ और नहीं कहना चाहती। एक साल बीत गया है, सब कुछ वैसा ही है। इसलिए, मैं इस बारे में कुछ भी टिप्पणी नहीं करना चाहती। अभी मैं कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हूं। मुझे बहुत खेद है।”

मेनन ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे चांगमपुझा पार्क के पास एक समारोह आयोजित करेगा।

उन्होंने कहा, ‘रविवार सुबह 10 बजे चांगमपुझा पार्क में एक स्मृति कार्यक्रम होगा।’

मेनन ने यह भी कहा कि वह जल्द ही दुबई लौट रही हैं।

उन्होंने बताया कि वह पिछले एक साल से कोच्चि में आती-जाती रही हैं और अब पहले की तरह स्थायी रूप से दुबई लौट रही हैं।

रामचंद्रन उन 26 लोगों में शामिल थे जिनकी 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

दुबई में काम करने वाली मेनन अपने माता-पिता और बच्चों के साथ कश्मीर में छुट्टियां बिताने के लिए केरल आई थीं।

भाषा तान्या वैभव

वैभव