एएआईबी फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना पर सभी प्रासंगिक सबूत जुटा रहा है और उनकी जांच कर रहा है

एएआईबी फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना पर सभी प्रासंगिक सबूत जुटा रहा है और उनकी जांच कर रहा है

एएआईबी फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना पर सभी प्रासंगिक सबूत जुटा रहा है और उनकी जांच कर रहा है
Modified Date: August 11, 2026 / 08:35 pm IST
Published Date: August 11, 2026 8:35 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने मंगलवार को कहा कि वह एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना के संबंध में तकनीकी, परिचालन, चिकित्सकीय और मानवीय पहलुओं से जुड़े सभी प्रासंगिक साक्ष्य जुटा रहा है, उन्हें सहेजकर रख रहा है एवं उनकी जांच कर रहा है।

चार अगस्त को थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रहा एअर इंडिया का एयरबस ए320 विमान वायुमंडलीय अस्थिरता (टर्बुलेंस) के कारण हवा में अपनी निर्धारित ऊंचाई से अचानक लगभग 300 फुट नीचे आ गया था।

इस क्षणिक घटना के बाद विमान ने सामान्य रूप से उड़ान जारी रखी और सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा।

एएआईबी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इस घटना में 20 यात्री तथा चालक दल के चार सदस्य घायल हो गये।

विमान में तीन शिशु समेत 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे।

एएआईबी ने कहा कि वह फिलहाल इस घटना के संबंध में तकनीकी, परिचालन, चिकित्सकीय और मानवीय पहलुओं से जुड़े सभी प्रासंगिक साक्ष्य जुटा रहा है, उन्हें सहेजकर रख रहा है एवं उनकी जांच कर रहा है।

उसने कहा, ‘‘इसमें विमान और उसके विभिन्न तंत्र, रिकॉर्ड किए गए फ़्लाइट डेटा, संबंधित परिचालन और रखरखाव रिकॉर्ड, मेडिकल सूचना तथा संबंधित लोगों से बातचीत की पड़ताल शामिल है। कोई भी नतीजा निकालने से पहले सभी सबूतों की पूरी तरह से जांच की जाएगी।’’

फ्रांस के नागरिक उड्डयन सुरक्षा जांच और विश्लेषण ब्यूरो (बीईए) के अधिकारी तथा एयरबस के तकनीकी प्रतिनिधि एएआईबी को आवश्यक तकनीकी सहायता पहुंचा रहे हैं।

एएआईबी ने कहा कि वह लागू नियमों और ‘इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन’ (आईसीएओ) प्रोटोकॉल के अनुसार तय समय-सीमा में शुरुआती नतीजे जारी करेगा।

बयान में कहा गया है कि जांच के सही चरण पर और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

आमतौर पर, घटना के एक महीने के भीतर शुरुआती नतीजे प्रकाशित किए जाते हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि जांच का एकमात्र मकसद घटना से जुड़े हालात और कारणों का पता लगाना है तथा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सही सुरक्षा उपाय तय करना है।

एजेंसी ने कहा, ‘‘यह जांच स्वतंत्र, सबूतों पर आधारित और व्यापक है। जांच के दौरान किसी एक जानकारी के आधार पर घटना के कारण के बारे में कोई नतीजा नहीं निकाला जाना चाहिए।’’

एएआईबी ने मीडिया और आम जनता समेत सभी संबंधित लोगों से अपील की कि वे जांच प्रक्रिया का सम्मान करें तथा अधूरी, बिना पुष्टि वाली या चुनिंदा जानकारी के आधार पर कोई निष्कर्ष न निकालें।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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