किसानों के हितों की रक्षा, अदालत के आदेशों का पालन जरूरी: कावेरी से जल छोड़ने के निर्देश पर शिवकुमार

किसानों के हितों की रक्षा, अदालत के आदेशों का पालन जरूरी: कावेरी से जल छोड़ने के निर्देश पर शिवकुमार

किसानों के हितों की रक्षा, अदालत के आदेशों का पालन जरूरी: कावेरी से जल छोड़ने के निर्देश पर शिवकुमार
Modified Date: August 11, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:26 pm IST

बेंगलुरु, 11 अगस्त (भाषा) कावेरी नदी से 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य के किसानों के हितों की रक्षा करना और अदालत के आदेशों का पालन करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि स्थिति का आकलन करने के बाद सरकार इस पर फैसला करेगी।

कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने मंगलवार को कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया कि वह 12 अगस्त से अगले 15 दिन तक तमिलनाडु के लिए हर दिन कावेरी नदी से 12,000 क्यूसेक पानी छोड़े।

शिवकुमार ने कहा कि वह इस मामले पर सिंचाई मंत्री रामलिंगा रेड्डी और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने किसानों और आम जनता से ‘‘धैर्य’’ रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश आया है। मैं हमारे जलाशयों में भंडारित पानी पर भी नजर रख रहा हूं। हमारी स्थिति को देखते हुए, अपने किसानों के हितों की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने किसानों की रक्षा करने के साथ-साथ अदालत के आदेशों का भी पालन करना है। इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मैं सिंचाई मंत्री और अधिकारियों के साथ चर्चा करूंगा।’’

शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘फसल की भी रक्षा की जानी चाहिए। चाहे कावेरी हो या तुंगभद्रा, मैंने अधिकारियों से कहा है कि किसानों और अन्य हितधारकों के साथ स्थानीय स्तर पर बैठक करने तथा बांधों में जल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए फसल के लिए पानी छोड़ने पर फैसला लें।’’

कावेरी नदी से जल छोड़ने के आदेश के बाद किसानों के संभावित विरोध-प्रदर्शन के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सवाल पर मुख्यमंत्री ने सभी से धैर्य रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए मौजूद है।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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