चंडीगढ़, 31 मार्च (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने छेड़छाड़ और हमले से जुड़े साल 2013 के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और सात अन्य लोगों को बरी कर दिया।
अदालत ने पंजाब की खडूर साहिब विधानसभा सीट से विधायक लालपुरा और सात अन्य आरोपियों को पिछले सितंबर में तरन तारन की अदालत द्वारा सुनाई गई चार साल कैद की सजा सोमवार को रद्द कर दी।
न्यायमूर्ति त्रिभुवन दाहिया की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए मार्च 2013 में तरन तारन थाने में भारतीय दंड सहिंता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी भी खारिज कर दी।
अनुसूचित जाति (एससी) से संबंधित महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि तीन मार्च 2013 को तरन तारन में विधायक लालपुरा और कुछ पुलिसकर्मियों ने उनकी और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की पिटाई की थी। उस समय लालपुरा एक टैक्सी चालक थे।
अदालत ने आदेश में कहा कि आठों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ताओं का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अदालत ने कहा कि विवादों का आपसी समझौते के जरिए समाधान हो चुका है। याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता ने चार फरवरी को समझौता किया था।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष