आप सरकार ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया: दिल्ली के मंत्री
आप सरकार ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया: दिल्ली के मंत्री
नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने रविवार को विधानसभा में हाल ही में पेश की गई कैग रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
सिंह ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘कैग की रिपोर्ट के बाद हम कह सकते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने नियमों की अनदेखी की, 1185 निविदाएं ऑनलाइन माध्यम के बजाय सामान्य रूप से जारी कीं और निविदाओं में मध्यस्थता संबंधी प्रावधान जोड़े। यह बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और जनता के पैसे की लूट का मामला है।’
दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 2019 और 2023 के बीच दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के वित्त-संबंधी विवरण वाली नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पेश की।
सिंह ने दावा किया कि यह रिपोर्ट अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान हुए ‘भ्रष्टाचार’ का लिखित दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 18 महीनों में ऐसी 24 रिपोर्ट विधानसभा में पेश की हैं, जिन्हें पहले सदन में नहीं रखा गया था।
रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि कुछ व्यवसायों पर लगभग 70,410 करोड़ रुपये का कर बकाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग ने कुछ उद्योगपतियों और कारोबारियों के साथ मिलीभगत करके उनके बकाया जीएसटी भुगतान को लंबित रहने दिया।
सिंह ने दावा किया कि 8,334 कारोबारियों का जीएसटी पंजीकरण रद्द किए जाने के बावजूद वे सामानों के परिवहन से जुड़े ई-वे बिल जारी करते रहे। उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट में 68,680 करोड़ रुपये के ‘फर्जी’ ई-वे बिल बनाए जाने का उल्लेख है।
उन्होंने आगे कहा कि 6.10 करोड़ ई-वे बिलों में से केवल 0.1 प्रतिशत की जांच की गई। 70 मामलों की जांच में नियमों के पालन में कमी के 344 मामले सामने आए, जिनसे 3,071.92 करोड़ रुपये के राजस्व पर असर पड़ा। इसके अलावा 3,710.17 करोड़ रुपये की आय का अंतर भी पाया गया।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने पिछली आप सरकार पर विभिन्न विभागों में अनियमितताओं में शामिल होने का भी आरोप लगाया।
इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत

Facebook


