Milk Price Hike: फिर जेब पर बढ़ेगा बोझ! इतने रुपये बढ़ेंगे दूध, दही और पनीर के दाम, जानें कहां और कितनी होगी बढ़ोतरी

Milk Price Hike: महाराष्ट्र में दूध खरीदने वालों को जल्द ज्यादा पैसे देने होंगे। 11 अगस्त से गाय और भैंस के दूध की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएगी। दूध उत्पादकों ने डीजल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत को कारण बताया है। फिलहाल सरकार ने दूध पर एमएसपी लागू करने से इनकार किया है।

Milk Price Hike: फिर जेब पर बढ़ेगा बोझ! इतने रुपये बढ़ेंगे दूध, दही और पनीर के दाम, जानें कहां और कितनी होगी बढ़ोतरी

(Milk Price Hike/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: August 9, 2026 / 03:55 pm IST
Published Date: August 9, 2026 3:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महाराष्ट्र में दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ेंगे।
  • नई कीमतें 11 अगस्त 2026 से लागू होंगी।
  • दही और पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स 10% तक महंगे हो सकते हैं।

महाराष्ट्र: Milk Price Hike: दरअसल, महाराष्ट्र में दूध खरीदने वाले लोगों की जेब पर अब बोझ बढ़ने वाला है। राज्य में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की (Milk Price Hike) बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। मिल्क प्रोड्यूसर्स एंड प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार, नई कीमतें 11 अगस्त 2026 से लागू हो जाएगी। इस बढ़ोतरी का असर राज्यभर के आम जनता पर पड़ने वाली है। एसोसिएशन ने बताया कि दूध की खरीद कीमत बढ़ने के साथ आगे भी इसमें बढ़ोतरी की संभावना है।

डीजल और पैकेजिंग महंगे का असर

एसोसिएशन ने दूध के दाम बढ़ाने के पीछे बढ़ती लागत को मुख्य कारण बताया है। उसके मुताबिक, डीजल की कीमत में करीब 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है जबकि पैकेजिंग का खर्च करीब 30 प्रतिशत बढ़ गया है। इन बढ़ती लागतों का असर डेयरी कारोबार पर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए दूध के साथ दही, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स की कीमतों (Milk Price Hike) में भी करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का फैसला किया गया है।

MSP को लेकर सरकार का रुख

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी (Milk Price Hike) ऐसे समय हुई है जब दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को लेकर चर्चा चल रही है। पिछले महीने सरकार ने लोकसभा में साफ किया था कि फिलहाल दूध के लिए MSP तय करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बताया कि दूध की कीमतें फिलहाल सहकारी समितियां और निजी डेयरियां बाजार की स्थिति के आधार पर तय करती हैं। सरकार का कहना है कि वह किसानों और उपभोक्ताओं के हितों के साथ-साथ दूध की गुणवत्ता और कीमतों में स्थिरता पर भी काम कर रही है।

डेयरी नेटवर्क को किया जा रहा मजबूत

सरकार के मुताबिक, दूध उत्पादकों को संगठित क्षेत्र से जोड़ने के लिए मार्च 2026 तक गांवों में 36,283 नई डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटियां बनाई गई हैं जबकि 31,150 मौजूदा समितियों को मजबूत किया गया है। इसके अलावा रोजाना 168 लाख लीटर दूध ठंडा करने की क्षमता तैयार की गई है। सरकार ने 76,748 क्वालिटी टेस्टिंग डिवाइस भी उपलब्ध कराए हैं। साथ ही रोजाना 418 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल गई है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।