चंडीगढ़, 12 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा 13 अप्रैल को बेअदबी निरोधक विधेयक पारित कराने के लिए बुलाया गया विशेष विधानसभा सत्र, चार साल सत्ता में रहने के बावजूद दोषियों को दंडित करने में अपनी ‘‘विफलता को छिपाने’’ का मात्र एक प्रयास है।
भगवंत मान सरकार ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 में संशोधन करने और सिखों के पवित्र ग्रंथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ की बेअदबी करने के दोषी को सख्त सजा देने का प्रावधान करने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि आप सरकार ‘बेअदबी’ के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने में ‘विफल’ क्यों रही और बाद में प्रदर्शनकारियों की हत्या क्यों की। उनका इशारा 2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं की शृंखला, उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में दो सिखों की हत्या की ओर था।
वडिंग ने कहा, ‘‘यह विशेष सत्र आप द्वारा किया जाने वाला एक और नाटकीय प्रदर्शन होगा, जो शोर-शराबे से भरा होगा, लेकिन जिसका कोई मतलब नहीं होगा।’’
उन्होंने कहा कि आप ने विशेष सत्रों का इस्तेमाल ‘‘जनता का ध्यान भटकाने और समय-समय पर मुश्किल परिस्थितियों से बचने’’ के लिए किया है।
लुधियाना के लोकसभा सदस्य ने एक बयान में कहा कि अगर आप की मंशा नेक होती, तो वह कानून का मसौदा तैयार करने से पहले हितधारकों, विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करती, क्योंकि इस कानून का न केवल पंजाबी समुदाय के लिए भावनात्मक महत्व है, बल्कि इसके भविष्य में दीर्घकालिक असर होंगे।
वडिंग ने दावा किया कि इस मुद्दे पर आप और शिरोमणि अकाली दल (शिअद)के बीच भारतीय जनता पार्टी के ‘संरक्षण’ के साथ एक ‘खुली सहमति’ थी।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अन्यथा, जब अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने स्वयं अकाल तख्त के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, तो आप सरकार दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती?’’
वडिंग ने आप के नेताओं, विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को, 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले उनके ‘‘बड़े-बड़े दावों’’ की याद दिलाई, जिसमें कहा गया था कि ‘‘बेअदबी के दोषियों को 24 घंटे के भीतर दंडित किया जाएगा।’’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा लेकिन चार साल बीतने के बावजूद दोषी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई सजा नहीं है तो केवल कानून बनाने से समस्या का कोई निवारण नहीं होगा।
वडिंग ने कहा कि जिन लोगों ने बेअदबी के खिलाफ आवाज उठाई, आप के भीतर उन्हें दरकिनार कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘ आप के बेअदबी विरोधी नेता कुंवर विजय प्रताप सिंह (पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारी और अब आम आदमी पार्टी के विधायक) को पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। वे इस्तीफा देने वाले हैं।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी गई, जिसमें ‘बेअदबी’ की घटनाओं को रोकने और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसमें आजीवन कारावास की सजी शामिल है।
भाषा धीरज रंजन
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