आप सत्ता का दुरुपयोग कर हमारे प्रेस, होटल पर छापे मार रही है, झूठा विमर्श फैला रही है: पंजाब केसरी समूह

आप सत्ता का दुरुपयोग कर हमारे प्रेस, होटल पर छापे मार रही है, झूठा विमर्श फैला रही है: पंजाब केसरी समूह

आप सत्ता का दुरुपयोग कर हमारे प्रेस, होटल पर छापे मार रही है, झूठा विमर्श फैला रही है: पंजाब केसरी समूह
Modified Date: January 17, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: January 17, 2026 9:25 pm IST

चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) पंजाब केसरी अखबार समूह ने शनिवार को पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर उसके और उसके प्रवर्तकों के बारे में झूठे विमर्श का प्रसार करने का आरोप लगाया।

पंजाब केसरी ने यह आरोप इस बात का दावा करने के कुछ दिन बाद लगाया है, जिसमें उसने कहा था कि प्राधिकारी कई छापों के जरिए उसे निशाना बना रहे हैं।

अपने नये बयान में, अखबार समूह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्वतंत्र रिपोर्टिंग को ‘दबाने’ के लिए उसे निशाना बना रही है।

 ⁠

आप या सरकार की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं आया है।

अखबार समूह ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया कि उसे कई छापों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।

उसने कहा कि ये सब तब शुरू हुआ, जब उसने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर एक ‘निष्पक्ष और संतुलित’ खबर प्रकाशित की थी।

समाचार पत्र समूह ने आरोप लगाया कि ये छापे ‘प्रेस को डराने के मकसद से मारे गए थे।’

पंजाब सरकार ने तब इस आरोप को यह कहकर खारिज कर दिया था कि यह दावा (अखबार का दावा) ‘कानून के दायरे में सख्ती से काम करते हुए कई वैधानिक प्राधिकारियों द्वारा उजागर किए गए कानून के गंभीर, दर्ज उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।’

भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आरोप लगाया कि आप प्रेस की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।

शिरोमणि अकाली दल ने राज्यपाल से ‘प्रेस की आजादी पर हमले को रोकने’ के लिए दखल देने की अपील की, जबकि भाजपा की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने सरकारी कार्रवाई को ‘लोकतंत्र पर सीधा हमला’ बताया।

शनिवार को अखबार समूह ने दावा किया कि पिछले साल 31 अक्टूबर से प्रकाशन की सरकारी निगरानी बढ़ गई थी, जब अखबार ने केजरीवाल के सरकारी आवास में रहने के बारे में खबरें छापी थीं।

अखबार समूह ने कहा कि खबर आने के तुरंत बाद, अगले कुछ दिनों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया और पंजाब केसरी और जग बानी के वितरण में रुकावट डाली गई। उसने कहा कि आपूर्ति ट्रकों को इतना रोका गया कि कुछ जिससे कुछ इलाकों में अखबार बांटा ही नहीं जा सका या वितरण शाम तक नहीं हो सका।

अखबार समूह ने आरोप लगाया, ‘जब लोगों ने पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाना शुरू किया, तो अपनी गलतियों को छिपाने की हताश कोशिश में, एक आधा-अधूरा और बेतुका बहाना पेश किया गया कि सरकार मादक पदार्थ/हथियारों की तस्करी के लिए अखबार के आपूर्ति वैन की जांच कर रही थी, जबकि उन्हें अच्छी तरह पता था कि यह झूठ है।’

अखबार समूह ने आरोप लगाया कि जब ये ‘हथकंडे’ कारगर साबित नहीं हुए, तो सरकार ने उस पर आर्थिक दबाव बनाना शुरू कर दिया और विज्ञापन जारी करना पूरी तरह बंद कर दिया।

बयान में कहा गया है कि नौ जनवरी के बाद सरकार ‘और भी निचले स्तर पर उतर आई’, जब अखबार ने दिल्ली विधानसभा में आप की नेता प्रतिपक्ष आतिशी के एक भाषण से जुड़े विवाद पर ‘निष्पक्ष’ रिपोर्टिंग की।

इस बयान पर विजय कुमार चोपड़ा, अविनाश चोपड़ा और अमित चोपड़ा के दस्तख्त हैं।

अखबार समूह ने कहा, ’11, 12, 13 और 14 जनवरी को, पूरे पंजाब में समूह के प्रेस और जालंधर के एक होटल को विभिन्न विभागों द्वारा उत्पीड़न/जांच का सामना करना पड़ा।’

समूह ने आरोप लगाया कि सरकार ने उसे परेशान करने के लिए एक और कदम उठाते हुए होटल की बिजली काट दी और कहा कि प्रबंधन ने कानूनी कदम उठाए हैं।

अखबार ने दावा किया कि 15 जनवरी को, जब जालंधर में उसका प्रिंटिंग प्रेस बंद था, तो लगभग सौ पुलिसकर्मी वहां भेजे गए।

उसने आरोप लगाया, ‘ताले तोड़े गए और पुलिस दीवारों पर चढ़ गई और मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों को पीटा। कथित तौर पर, पुलिस की मौजूदगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निरीक्षण के लिए थी।’

इसमें कहा गया, ‘जनता देख सकती है कि लक्ष्य प्रदूषण नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी है।’

समूह ने कहा कि सरकार एक झूठा विमर्श गढ़ रही है कि पंजाब केसरी शराब का व्यापार कर रहा है।

इसमें कहा गया, ‘चोपड़ा परिवार ने अपने पुश्तैनी शहर जालंधर में सिर्फ़ पार्क प्लाज़ा होटल बनाया है। यह होटल जालंधर में उनके गृहनगर में पर्यटन और रोजगार के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया था।’

बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने शक्ति का गलत इस्तेमाल करते हुए रातों-रात उसके (होटल के) शराब के लाइसेंस रद्द कर दिए।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में