पंजाब के आप विधायक धालीवाल ने राज्यपाल से उझ बांध की मांग केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया

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पंजाब के आप विधायक धालीवाल ने राज्यपाल से उझ बांध की मांग केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 03:54 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 03:54 PM IST

चंडीगढ़, 18 अगस्त (भाषा) पंजाब के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और उनसे उझ नदी पर बांध बनाने की मंजूरी की मांग केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि इससे अमृतसर के अजनाला और जिले के अन्य हिस्सों में बार-बार आने वाली बाढ़ को रोकने में मदद मिलेगी।

उझ नदी जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से होकर बहती है और रावी नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।

अधिकारियों के अनुसार, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण अक्सर उझ नदी में अचानक बाढ़ आ जाती है, जिससे अमृतसर और गुरदासपुर जिलों में नुकसान होता है।

धालीवाल ने पिछले महीने जल निकासी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कठुआ स्थित उझ नदी बैराज का दौरा किया था और वहां जलस्तर तथा बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया था।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद धालीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने कटारिया से इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल में धालीवाल की अजनाला विधानसभा क्षेत्र के सरपंच और जिला परिषद के सदस्य भी शामिल थे।

धालीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को रणजीत सागर बांध की तर्ज पर उझ नदी पर बांध के निर्माण को मंजूरी देनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है, जिसमें फसलें बर्बाद हो जाती हैं, सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और स्कूलों को भी नुकसान पहुंचता है, खेत पानी में डूब जाते हैं।’’

उन्होंने कहा कि अजनाला में बाढ़ का असर अमृतसर और गुरदासपुर जिलों के अन्य हिस्सों पर भी पड़ता है।

धालीवाल ने कहा, ‘‘इन सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बाढ़ के कारण स्कूलों को नुकसान होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।’’

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने उनकी चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुना।

धालीवाल ने कहा, ‘‘राज्यपाल की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे का समाधान निकलेगा।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश

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