राघव चड्ढा को राज्यसभा में पद से हटाना ‘आप’ का आंतरिक मामला लेकिन बोलने से रोकना गलत : भाजपा

राघव चड्ढा को राज्यसभा में पद से हटाना ‘आप’ का आंतरिक मामला लेकिन बोलने से रोकना गलत : भाजपा

राघव चड्ढा को राज्यसभा में पद से हटाना ‘आप’ का आंतरिक मामला लेकिन बोलने से रोकना गलत : भाजपा
Modified Date: April 3, 2026 / 03:09 pm IST
Published Date: April 3, 2026 3:09 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटाना पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन उन्हें सदन में बोलने से रोकना गलत है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ‘आप’ के संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक ‘‘डरपोक’’ नेता बताया जो अपनी पार्टी में ‘‘किसी भी सक्षम व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं कर सकते।’’

जब उनसे आप नेता के भाजपा में शामिल होने की अफवाहों के बारे में पूछा गया, तो सचदेवा ने कहा कि ‘‘अपने भविष्य का फैसला चड्ढा करेंगे।’’

सचदेवा ने कहा, ‘‘राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी। अरविंद केजरीवाल में एक खास हुनर ​​है, पहले वह लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर उन्हें हटा देते हैं।’’

भाजपा नेता ने कहा कि वह चड्ढा के सम्मान में दो पंक्तियां कहना चाहते हैं कि ‘‘जिंदगी में बस इतना लिख ​​पाया, बहुत मजबूत रिश्ते थे कुछ कमजोर लोगों से।’’

आम आदमी पार्टी ने बृहस्पतिवार को चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा कि पंजाब से राज्यसभा सांसद चड्ढा को आप के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।

चड्ढा ने शुक्रवार को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘‘मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना’’।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, ‘‘जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं सदन में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता हूं, जिनमें अक्सर अनदेखी किए जाने वाले विषय भी शामिल हैं। लेकिन क्या आम लोगों की समस्याओं के बारे में बात करना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है?’’

आम आदमी पार्टी ने चड्ढा पर पलटवार करते हुए उन पर संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने से कतराने और इसके बजाय ‘‘अपना प्रचार करने’’ में लगे रहने का आरोप लगाया।

आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में कई मामलों में पार्टी के अनुसार नहीं चल रहे थे और प्रमुख मुद्दों पर विपक्ष के बहिर्गमन में शामिल नहीं हुए।

भाषा गोला नरेश

नरेश


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