Char Dham Yatra Online Fraud: क्या आप भी कर रहे हैं चारधाम यात्रा की Online बुकिंग?.. यहां जज के साथ हुई लाखों रुपये की ठगी, इस तरह बनाया शिकार

Char Dham Yatra Online Fraud Latest Case: चारधाम यात्रा ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर जज से लाखों की ठगी, फर्जी कंपनी और हेलीकॉप्टर टिकट का झांसा देकर बनाया शिकार।

Char Dham Yatra Online Fraud: क्या आप भी कर रहे हैं चारधाम यात्रा की Online बुकिंग?.. यहां जज के साथ हुई लाखों रुपये की ठगी, इस तरह बनाया शिकार

Char Dham Yatra Online Fraud Latest Case || Image- Uttarakhand Tourism Board File

Modified Date: April 3, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: April 3, 2026 5:37 pm IST
HIGHLIGHTS
  • चारधाम बुकिंग के नाम पर ठगी
  • जज से 1 लाख रुपये की धोखाधड़ी
  • फर्जी ट्रैवल कंपनी का इस्तेमाल

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के शुरुआत के साथ ही ऑनलाइन ठगों का समूह भी सक्रिय हो गया है। ठगों का समूह ऐसे लोगों की फिराक में रहते है जो तीर्थ धाम की यात्रा करने के इच्छुक है। (Char Dham Yatra Online Fraud Latest Case) अमूमन कम जानकारी के चलते लोग ऐसे गिरोहों के दावे और वादों में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धो बैठते है। ताजा मामला मध्य प्रदेश की न्यायधानी जबलपुर का है, जहाँ ठगों ने एक एक न्यायधीश को अपना निशाना बनाया है।

क्या हैं ठगी का यह पूरा मामला?

दरअसल चारधाम यात्रा की बुकिंग के नाम पर जिला अदालत के विशेष न्यायाधीश को निशाना बनाया गया। जालसाजों ने कार और हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने का झांसा देकर न्यायाधीश प्रमेंद्र कुमार सिंह के खाते से 1 लाख 7 हजार 793 रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

ट्रिपलांजा कंपनी का दिखाया विज्ञापन, फिर लिया झांसे में

कटंगी निवासी न्यायाधीश प्रमेंद्र कुमार सिंह वर्तमान में एनडीपीएस के विशेष न्यायाधीश के रूप में पदस्थ हैं। उन्होंने अपने परिजनों के साथ चारधाम दर्शन की योजना बनाई थी। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया पर उन्हें ट्रिपलांजा नामक कंपनी का एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें यात्रा के लिए विशेष पैकेज और हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग की सुविधा का दावा किया गया था। (Char Dham Yatra Online Fraud Latest Case) विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को टूर कंपनी का अधिकृत संचालक बताया और बुकिंग के लिए अग्रिम भुगतान की मांग की।

अज्ञात ठगों के खिलाफ दर्ज किया गया मामला

संदेह होने पर न्यायाधीश ने ट्रिपलांजा कंपनी की वास्तविक वेबसाइट खोजकर उनके देहरादून स्थित मुख्य कार्यालय में संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि कंपनी ने ऐसा कोई विज्ञापन जारी नहीं किया है और न ही बताए गए मोबाइल नंबर उनके किसी एजेंट के हैं। मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। धोखाधड़ी का पता चलते ही मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस अब बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों के गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

उत्तराखंड पुलिस ने किया सचेत

यात्रा, होटल बुकिंग या अन्य सेवाओं के नाम पर होने वाली प्रत्यक्ष और ऑनलाइन ठगी के विरूद्ध उत्तराखंड पुलिस ने अभियान छेड़ते हुए आम लोगों को आगाह किया है। सोशल मीडिया पोस्ट पर उत्तराखंड पुलिस ने कहा है कि, बिलकुल असली दिखाई देने वाले ‘यात्रा वेबसाइट’ फर्जी हो सकते है और आपको शिकार बना सकते है। पुलिस ने साफतौर पर कहा है कि, व्हाट्सप्प/कॉल पर भरोसा न करें। सजग रहें, सुरक्षित रहें!

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