ई-20 पेट्रोल के खिलाफ आप का विरोध जारी रहेगा, जनता को इससे जुड़ना चाहिए : केजरीवाल
ई-20 पेट्रोल के खिलाफ आप का विरोध जारी रहेगा, जनता को इससे जुड़ना चाहिए : केजरीवाल
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि ई20 पेट्रोल के खिलाफ उनकी पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि अगर वे इसे लागू होने से रोकना चाहते हैं, तो बड़ी संख्या में इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हों।
केजरीवाल और आप के नेताओं ने मंगलवार को देश में ई-20 पेट्रोल की बिक्री के खिलाफ 2.30 लाख से अधिक ज्ञापन सौंपने के लिए करीब 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें फिरोजशाह मार्ग पर ही रोक दिया था।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद केजरीवाल, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जैस्मीन शाह और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ फिरोजशाह मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए।
विरोध मार्च के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि पार्टी उन राज्यों में भी इस नीति को लागू करने के किसी भी कदम का विरोध करेगी, जहां उसके विधायक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘गोवा और गुजरात में भी हमारे विधायक हैं और हम वहां भी ई20 (नीति) पारित नहीं होने देंगे। हमारे विधायक विधानसभाओं में इसका विरोध करेंगे।’’
केजरीवाल ने कहा कि मंगलवार को विरोध मार्च में केवल 100 के करीब लोग शामिल हुए, लेकिन इन लोगों ने सोशल मीडिया पर आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करने के बावजूद इसमें हिस्सा लेकर हिम्मत दिखाई।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर लोग ई20 से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो उन्हें बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरना होगा।’’
आप सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाया था और उन्हें जो जवाब मिला, उससे ज्ञात होता है कि केंद्र सरकार ई20 योजना को क्रियान्वित करने को लेकर प्रतिबद्ध है।
सिंह ने दावा किया, ‘‘मैंने आज संसद में यह सवाल उठाया और जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार ई20 लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
उन्होंने दावा किया कि एथनॉल उत्पादन से भारतीय किसानों को लाभ नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से अमेरिका के किसानों को फायदा होगा।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव का मुकाबला करने और अमेरिका से एथनॉल का आयात रोकने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति भारतीय किसानों के बजाय विदेशी हितों को प्राथमिकता देती है।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश

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