कोलकाता/नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस में विद्रोह की लपटें अब पार्टी के संसदीय दल तक पहुंचती दिख रही हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक के लिए दिल्ली में मौजूद रहने के बीच असंतुष्ट सांसदों के एक समूह ने बंद कमरे में बैठक की, जिसने पार्टी में असंतोष के स्तर को उजागर किया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रविवार देर रात दिल्ली में एक अज्ञात स्थान पर करीब 20 सांसद इस अनौपचारिक बैठक में शामिल हुए। इस घटनाक्रम ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक दल को तोड़ने वाली यह बगावत अब पार्टी के संसदीय दल के भीतर भी आकार ले सकती है।
बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, सांसदों ने भविष्य की संभावित रणनीतियों पर चर्चा की और पार्टी की मौजूदा संसदीय नेतृत्व संरचना पर अपनी नाराजगी जताई।
हालांकि, तृणमूल के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि कुछ सांसदों ने कल रात अलग बैठक की। बैठक में क्या हुआ, यह वही बता सकते हैं। उन लोगों ने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा तृणमूल सांसदों से संपर्क किए जाने की खबरों पर राय ने कहा कि उनसे भी संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने पेशकश को ठुकरा दिया।
चार बार के सांसद ने राय (78) ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने उनसे दो टूक कह दिया कि मैं तृणमूल के साथ रहूंगा। इस उम्र में खेमा बदलना मेरे लिए संभव नहीं।’’
हालांकि, बैठक में कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया, लेकिन इस तरह के विकल्पों पर विचार-विमर्श करना ही तृणमूल के सांसदों के एक वर्ग में गहरे असंतोष को उजागर करता है।
बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले तृणमूल के एक नेता ने कहा, ‘‘बैठक मूलत: भविष्य की रणनीतियों पर केंद्रित थी। कई सांसदों ने चिंता जताई कि नेतृत्व पार्टी की चुनावी हार के कारणों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।’’
सोमवार को सोशल मीडिया पर बैठक की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें तृणमूल के कई लोकसभा सदस्य एक मेज के इर्द-गिर्द बैठे दिख रहे हैं। हालांकि ‘पीटीआई-भाषा’ इस तस्वीर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
सूत्रों का दावा है कि तस्वीर में दिख रहे लोगों से कहीं अधिक, करीब 20 सांसद इस बैठक में शामिल थे।
बैठक के दौरान उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब एक सांसद ने बिना बताए बैठक की तस्वीरें खींच लीं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में शामिल कुछ सांसदों ने बिना सहमति के तस्वीरें लेने पर आपत्ति जताई और इसे लेकर वहां मौजूद लोगों के बीच थोड़ी नोकझोंक भी हुई।
बाद में ये तस्वीरें राजनीतिक गलियारों में फैल गईं, जिससे बगावत के दायरे व गंभीरता को लेकर अटकलों को और हवा मिल गई।
सूत्रों ने बताया कि रविवार की बैठक में शामिल कुछ सांसद सोमवार को भी आपस में संपर्क में रहे और दिल्ली में एक केंद्रीय सरकारी कार्यालय में भी चर्चा की।
भाषा
खारी दिलीप
दिलीप