राष्ट्रवाद विवाद के बीच यादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई ने अलग-अलग मार्च निकाला

राष्ट्रवाद विवाद के बीच यादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई ने अलग-अलग मार्च निकाला

राष्ट्रवाद विवाद के बीच यादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई ने अलग-अलग मार्च निकाला
Modified Date: September 3, 2026 / 07:23 pm IST
Published Date: September 3, 2026 7:23 pm IST

कोलकाता, तीन सितंबर (भाषा) यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के बीच आमने-सामने की लामबंदी देखी गई। आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय के अंदर ‘वंदे मातरम’ मार्च निकाला जबकि वामपंथी छात्र संगठन ने बाहर जवाबी मार्च निकाला। इससे राष्ट्रवाद और परिसर की राजनीति को लेकर जारी वैचारिक लड़ाई और तेज हो गई।

एबीवीपी का मार्च राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकाला गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। यह मार्च परिसर स्थित त्रिगुणा सेन सभागार में आयोजित होने वाले एक राष्ट्रवादी सम्मेलन से पहले निकाला गया था। वहीं, एसएफआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के बाहर राजा सुबोध मलिक रोड पर मार्च निकाला।

एबीवीपी के साथ किसी भी टकराव से बचने और एसएफआई को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने परिसर के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए थे।

दोनों कार्यक्रमों में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिससे विश्वविद्यालय और उसके आसपास का इलाका दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के प्रदर्शन का केंद्र बन गया।

एबीवीपी ने कहा कि उसका मार्च यह संदेश देने के लिए था कि विश्वविद्यालय परिसर में ‘राष्ट्र विरोधी’ नारों या गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

वहीं, एसएफआई ने विश्वविद्यालय के बाहर सड़क पर मार्च निकालते हुए ‘परिसर में किसी एक राजनीतिक और राष्ट्रवादी विचारधारा को थोपे जाने’ का विरोध किया।

यह घटनाक्रम पिछले दो सप्ताह से यादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच जारी टकराव के बीच हुआ है।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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