श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की सदस्य निर्मला यादव ने ईमानदारी से काम का संकल्प लिया

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की सदस्य निर्मला यादव ने ईमानदारी से काम का संकल्प लिया

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की सदस्य निर्मला यादव ने ईमानदारी से काम का संकल्प लिया
Modified Date: September 3, 2026 / 08:12 pm IST
Published Date: September 3, 2026 8:12 pm IST

एटा/फिरोजाबाद, तीन सितंबर (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवनियुक्त सदस्य निर्मला यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि ईश्वर ने उन्हें इस पद के लिए चुना है और उन्होंने “समर्पण, कड़ी मेहनत और ईमानदारी” के साथ इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए आकांक्षा व्यक्त की।

एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को बुधवार को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया था।

इसके अलावा ट्रस्ट में तीन नए न्यासियों शिक्षाविद् निर्मला यादव, अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और व्यवसायी-सामाजिक कार्यकर्ता महेश भागचंदका को भी शामिल किया गया।

निर्मला यादव ने ट्रस्ट में नियुक्ति के बारे में ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा से कहा, ‘‘मैं केवल यही कहूंगी कि मुझे देशभर से चुना गया है, यह केवल एक संकेत है कि भगवान राम ने मुझे चुना है। उनकी दृष्टि और कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि वह महिला ट्रस्टी होने के नाते वह राम मंदिर में महिला श्रद्धालुओं के लिये रामलला के दर्शन को और सुगम बनाने की दिशा में काम करेंगी।

निर्ला ने कहा, ‘‘इसमें मेरी या किसी और की कोई भूमिका नहीं है। उनकी कृपा मुझ पर और मेरे परिवार पर बनी रही।’’ उन्होंने कहा कि उनका चयन ‘‘मातृ शक्ति’’ की भागीदारी का भी प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में अपनी नयी जिम्मेदारी के बारे में कहा कि वह पूरे समर्पण के साथ काम करेंगी और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगी।

निर्मला ने कहा, ‘‘चाहे प्रशासन हो, व्यवस्थाएं हों, सुविधाएं हों या सुरक्षा, जो भी सुधार संभव होगा मैं अपने सुझाव दूंगी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास करूंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब जब रामलला का बुलावा आया है तो मुझे पूरे समर्पण के साथ वहां काम करना है।’’

पूर्व प्राचार्य और शिक्षाविद निर्मला यादव ने कहा कि वह कई दशकों से शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों से जुड़ी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि उनके पिता महावीर सिंह यादव और मां राजवती का निधन हो चुका है, जबकि उनके ससुर सूर्य कुमार यादव एक पूर्व मेजर थे, जो सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे।

निर्मला ने कहा कि उनका परिवार धीरे-धीरे संघ से जुड़ गया और उनका परिचय आरएसएस और बजरंग दल के कई पदाधिकारियों से हुआ, जो 1983 में उनकी शादी के बाद उनके परिवार से मिलने आते थे।

उन्होंने फिरोजाबाद में संवाददाताओं से कहा कि ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य होने के नाते अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए वह अयोध्या में राम मंदिर में महिला श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को आसान बनाने की दिशा में काम करेंगी और उनके लिए एक विशेष कार्य योजना बनाएंगी।

निर्मला ने कहा कि भगवान राम की महिमा बनी रहे, इसके लिए वह हर संभव प्रयास करेंगी।

उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं कहा या किया जाना चाहिए जिससे भगवान राम की महिमा कम हो।

नवनियुक्त सदस्य ने कहा, “भगवान राम न केवल हमारे समाज के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए आस्था का केंद्र हैं। हमें ऐसा कुछ भी नहीं कहना चाहिए जिससे उनकी महिमा कम हो।”

उन्होंने अयोध्या में रामलला के मंदिर में चढ़ावा की चोरी के मामले पर यह भी कहा कि आरोप हमेशा पूरी तरह सच नहीं होते और ट्रस्ट के कामकाज में किसी भी कमी को सदस्यों के बीच बातचीत के जरिये दूर किया जाएगा।

निर्मला यादव ने कहा कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाएगी और उन्होंने इस पद के लिए आवेदन भी नहीं किया था।

उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर उन्हें एक संदेश मिला था जिसमें बताया गया था कि ट्रस्ट के सदस्य पद लिए उनके नाम का प्रस्ताव रखा गया है और उनसे सहमति मांगी गई।

निर्मला ने बताया कि सहमति देने के बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रस्ट की बैठक में हिस्सा लिया।

उन्होंने उन अटकलों को भी गलत बताया कि यह नियुक्ति 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई है।

ट्रस्ट की नवनियुक्त सदस्य ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह कदम राजनीतिक कारणों से उठाया गया है।

भाषा जफर सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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