बेंगलुरु के विधि विश्वविद्यालय में उमर खालिद पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन रद्द : अभाविप

बेंगलुरु के विधि विश्वविद्यालय में उमर खालिद पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन रद्द : अभाविप

बेंगलुरु के विधि विश्वविद्यालय में उमर खालिद पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन रद्द : अभाविप
Modified Date: September 19, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: September 19, 2026 9:38 pm IST

बेंगलुरु, 19 सितंबर (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने शनिवार को दावा किया कि बेंगलुरु के ‘नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी‘ (एनएलएसयूआई) में जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद पर बने वृत्तचित्र का प्रस्तावित प्रदर्शन हाल में स्थगित किये जाने के बाद अब रद्द कर दिया गया है।

फिल्मकार ललित वचानी ने खालिद के ऊपर ‘प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट’ नामक एक वृत्तचित्र बनाया है, जिसे इस विश्वविद्यालय में दिखाए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उसके विरुद्ध है।

अभाविप ने दावा किया कि फिल्म का प्रदर्शन रद्द कर दिया गया है, लेकिन एनएलएसआईयू के छात्र संगठन ‘लॉ एंड सोसाइटी कमेटी’ (लॉ-सोक) की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ‘लॉ-सोक’ ने फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया था।

अभाविप की बेंगलुरु इकाई ने एक बयान में कहा कि वह ‘नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी’ में उमर खालिद के वृत्तचित्र रद्द होने का संज्ञान लेता है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विरोध के बाद, ‘‘लॉ-सोक’’ ने जरूरी उपायों और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हाल में इस प्रदर्शन को टाल दिया था।

हालांकि, अभाविप ने मांग की थी कि इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया जाए।

उसने हाल में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से भी इस वृत्तचित्र के प्रस्तावित प्रदर्शन की जांच के आदेश देने की मांग की थी।

अभाविप ने एक बयान में कहा कि हालांकि वह विश्वविद्यालय परिसर में जीवंत माहौल, खुली चर्चा, अभिव्यक्ति की आज़ादी और अकादमिक आज़ादी में पक्का विश्वास रखती है, लेकिन इनका इस्तेमाल कभी भी ऐसे विमर्श को बढ़ावा देने के लिए ढाल के तौर पर नहीं किया जा सकता, जो हमारे देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को चुनौती देते हों।

अभाविप ने फिर दोहराया कि अभिव्यक्ति की आजादी वहीं खत्म हो जाती है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता होता है और खुली चर्चा की आड़ में राष्ट्रीय एकता को कमज़ोर करने की किसी भी कोशिश का छात्र समुदाय मजबूती से विरोध करता रहेगा।

वृत्तचित्र प्रदर्शन के मुद्दे को लेकर कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस के नेताओं तथा अभाविप एवं भाजपा के बीच तीखी बहस हुई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताया।

फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे कथित तौर पर एक बड़ी साज़िश रचने के मामले में खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ़्तार किया गया था। उसपर ‘गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम’ एवं अन्य प्रावधानों तहत मामला दर्ज किया गया था।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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