झारखंड में मुख्यमंत्री आवास के पास अभाविप कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, आठ-10 हिरासत में लिये गए

झारखंड में मुख्यमंत्री आवास के पास अभाविप कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, आठ-10 हिरासत में लिये गए

झारखंड में मुख्यमंत्री आवास के पास अभाविप कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, आठ-10 हिरासत में लिये गए
Modified Date: August 8, 2026 / 04:05 pm IST
Published Date: August 8, 2026 4:05 pm IST

रांची, आठ अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं की शुक्रवार को पुलिस से झड़प हो गई और आठ से 10 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अभाविप ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपने आंदोलन के तहत 11 अगस्त को भी राज्य विधानसभा तक मार्च निकालने का आह्वान किया है।

अभाविप की झारखंड इकाई ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति समर्थन जताने के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री आवास के पास अभाविप कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई और उन्होंने अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। आठ से 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और उन्हें लालपुर थाने ले जाया जाएगा।’’

हिरासत में लिए गए लोगों में अभाविप के पदाधिकारी प्रदीप शेखावत, पशुपतिनाथ उपमन्यु और प्रकाश टुटी शामिल हैं।

पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अजय आर्यन ने ‘पीटीआई- भाषा’ से कहा, ‘‘वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से मुख्यमंत्री आवास की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उन्हें सिदो-कान्हू पार्क के पास रोक दिया गया।’’

अभाविप के प्रदेश सचिव प्रकाश टुटी ने कहा कि संगठन ने इस मुद्दे को लेकर 11 अगस्त को ‘‘विधानसभा मार्च’’ का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी जायज मांगों के समर्थन में हमने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला और इसके जरिए उनकी आवाज पुरजोर तरीके से उठाई। हमारे कुछ सवाल हैं और मुख्यमंत्री को उनका जवाब देना होगा। अभाविप ने इस मुद्दे को लेकर 11 अगस्त को विधानसभा तक मार्च निकालने का फैसला किया है।’’

टुटी ने कहा, ‘‘मैं राज्यभर के सभी छात्रों, महिलाओं और युवाओं से इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करता हूं।’’

हिरासत में लिए गए अभाविप के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि पुलिस ‘‘छात्रों की आवाज दबाने पर तुली हुई है।’’

अभाविप के एक नेता ने कहा, ‘‘हमें पुलिस से कोई समस्या नहीं है। हमारी लड़ाई सरकार और उसकी नीतियों से है। छात्र और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी दो सप्ताह से अधिक समय से यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही। हमने आंदोलनकारियों के प्रति समर्थन जताने के लिए यह मार्च निकाला।’’

अभाविप कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे और 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर नारे लगाए।

प्रदर्शनकारी जब मुख्यमंत्री आवास से करीब 500 मीटर की दूरी पर पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें अवरोधक पार करने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।

झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन, राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद गतिरोध न टूटने के कारण शनिवार को 15वें दिन भी जारी है।

भाषा सिम्मी दिलीप

दिलीप


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