धर्मस्थल मामले में जिसने भी गलत किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: शिवकुमार

धर्मस्थल मामले में जिसने भी गलत किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: शिवकुमार

धर्मस्थल मामले में जिसने भी गलत किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: शिवकुमार
Modified Date: August 23, 2025 / 02:52 pm IST
Published Date: August 23, 2025 2:52 pm IST

बेंगलुरु, 23 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के धर्मस्थल में पिछले दो दशकों में हुई ‘‘कई हत्याओं, दुष्कर्मों और उसके बाद उन्हें दफनाने’’ की शिकायतों के संदर्भ में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि गलत काम करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है और सरकार पूरी तरह से न्याय के पक्ष में है।

उपमुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के लोग अब बोल रहे हैं, जबकि पहले एक दम चुप थे। लेकिन मेरे इस मुद्दे पर बोलने के बाद (इसे साजिश बताते हुए) अब प्रतिक्रिया दे रहे हैं।’’

शिवकुमार ने कहा कि धर्मस्थल के मंदिर और संस्थानों के प्रमुख परिवारों ने जांच का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात कर उनके फैसले की सराहना की।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘जांच जारी है। हमारी सरकार, गृह मंत्री (जी परमेश्वर) और मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक और विधानसभा में स्पष्ट कहा था कि जो भी गलत काम करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हम किसी के पक्ष में नहीं हैं, हम न्याय के पक्ष में हैं। हम नहीं चाहते कि धर्म के मामलों में राजनीति हो।’’

उन्होंने हाल में धर्मस्थल की छवि खराब करने की ‘‘साजिश’’ रचने का आरोप लगाया था और विश्वास जताया था कि जांच से सच्चाई सामने आएगी।

राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पिछले दो दशकों में धर्मस्थल क्षेत्र में हुई अनेक हत्याओं, बलात्कारों और शवों को दफनाने के आरोपों की जांच कर रहा है।

शिकायतकर्ता एक पूर्व सफाई कर्मचारी है और उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है। उसने आरोप लगाया कि 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में तैनाती के दौरान उसे शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया जिनमें महिलाओं और नाबालिगों के शव भी शामिल थे।

एसआईटी ने जांच के तहत धर्मस्थल में नेत्रवती नदी के किनारे वन्य क्षेत्रों में शिकायतकर्ता द्वारा चिन्हित कई स्थानों पर खुदाई की थी, जहां अब तक दो स्थानों पर कुछ कंकाल के अवशेष पाए गए हैं।

भाषा खारी प्रशांत

प्रशांत


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