अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में आत्मसमर्पण करें: दिल्ली उच्च न्यायालय
अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में आत्मसमर्पण करें: दिल्ली उच्च न्यायालय
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराए जाने के संबंध में चार फरवरी तक जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि यादव का आचरण निंदनीय है क्योंकि उन्होंने अदालत को दिए गए उस वचन का बार-बार उल्लंघन किया है जिसमें उन्होंने शिकायतकर्ता मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को राशि चुकाने की बात कही है।
न्यायाधीश ने कहा कि यादव को उनके खिलाफ सात मामलों में से प्रत्येक में 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान करना था, और निर्देश दिया कि उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पास पहले से जमा राशि शिकायतकर्ता के पक्ष में जारी की जाए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अक्टूबर 2025 में 75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा किए गए थे और नौ करोड़ रुपये की राशि अब भी देय थी।
न्यायालय ने दो फरवरी के आदेश में कहा, ‘‘बार-बार आश्वासन देने और इस न्यायालय से रियायत मांगने के बावजूद, याचिकाकर्ता संख्या एक (यादव) समय-समय पर पारित आदेशों का पालन करने में विफल रहा है। न्यायालय को याचिकाकर्ता संख्या एक को पहले दी गई रियायत को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं दिखता, विशेष रूप से इस मामले में जहां याचिकाकर्ता संख्या एक ने स्वयं दायित्व स्वीकार किया है और राशि चुकाने का वचन दिया है।’’
अदालत ने कहा, ‘‘न्याय के हित में याचिकाकर्ता संख्या एक को निर्देश दिया जाता है कि वह चार फरवरी, 2026 की शाम चार बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करें और निचली अदालत द्वारा दी गई सजा का निर्वहन करें। याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुरोध पर यह सीमित छूट दी जा रही है, जिन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता संख्या एक वर्तमान में मुंबई में किसी पेशेवर कार्य में व्यस्त हैं।’’
यादव और उनकी पत्नी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिकाओं पर अदालत का यह आदेश आया है, जिसमें उन्होंने सत्र न्यायालय के 2019 के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें अप्रैल 2018 में चेक बाउंस मामलों में यहां की मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया था।
जून 2024 में, उच्च न्यायालय ने उनकी दोषसिद्धि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था, बशर्ते कि वे विपक्षी पक्ष के साथ सौहार्दपूर्ण समझौता करने की संभावना तलाशने के लिए ‘ईमानदार और वास्तविक उपाय’ अपनाएं।
मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन तब यादव के वकील ने कहा था कि यह एक फिल्म के निर्माण के वित्तपोषण के लिए किया गया एक वास्तविक लेनदेन था। लेकिन यह फिल्म ‘बॉक्स ऑफिस’ पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और इसके परिणामस्वरूप भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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