उर्वरक सब्सिडी के लिए पर्याप्त राशि, अब तक 70,709 करोड़ रु खर्च किए गए: अनुप्रिया पटेल
उर्वरक सब्सिडी के लिए पर्याप्त राशि, अब तक 70,709 करोड़ रु खर्च किए गए: अनुप्रिया पटेल
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि 2026-27 के लिए खाद सब्सिडी की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए उसके पास पर्याप्त कोष है और 13 जुलाई तक 70,709 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं जो साल के लिए कुल 1.77 लाख करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन का 39.9 प्रतिशत है।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में कहा, ‘‘इस प्रकार सब्सिडी व्यय को पूरा करने के लिए पर्याप्त कोष उपलब्ध है।’’
वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सब्सिडी की जरूरतों में किसी भी बढ़ोतरी से निपटने की खातिर सरकार ने खरीफ 2026 सीज़न के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना के तहत 41,533.81 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। यह रबी सीजन 2025-26 के लिए मंजूर की गई राशि से लगभग 3,581 करोड़ रुपये अधिक है।
पटेल ने कहा कि बढ़ा हुआ आवंटन किसानों के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश खाद को किफायती बनाए रखने में मदद करेगा।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि मंत्रालय ने खरीफ सीज़न के दौरान सुचारू आपूर्ति के लिए भी कदम उठाए हैं। वैश्विक निविदा के जरिए अप्रैल में 25 लाख टन और जून 2026 में 17.7 लाख टन यूरिया हासिल किया गया है। इसके अलावा, ओमान के साथ पांच साल की आपूर्ति व्यवस्था के तहत इस अवधि में 45 लाख टन यूरिया आएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ ही देशों पर निर्भरता कम करने के लिए, सरकार विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ मिलकर अतिरिक्त आपूर्तिकर्ता की पहचान करने और आयात के स्रोतों में विविधता लाने पर काम कर रही है।
पटेल ने बताया कि 2025-26 में उर्वरक सब्सिडी 2.17 लाख करोड़ रुपये थी जबकि 2024-25 में यह 1.77 लाख करोड़ रुपये और 2023-24 में 1.95 लाख करोड़ रुपये थी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन सालों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता कायम रखी गई है।
भाषा अविनाश नरेश
नरेश

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