आदि कैलाश तीर्थयात्रियों को शाम चार बजे के बाद धारचूला से आगे यात्रा न करने की सलाह

आदि कैलाश तीर्थयात्रियों को शाम चार बजे के बाद धारचूला से आगे यात्रा न करने की सलाह

आदि कैलाश तीर्थयात्रियों को शाम चार बजे के बाद धारचूला से आगे यात्रा न करने की सलाह
Modified Date: June 18, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: June 18, 2026 4:51 pm IST

पिथौरागढ़, 18 जून (भाषा) मानसून के मद्देनजर पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रियों के लिए एक परामर्श जारी किया है, जिसमें उन्हें शाम चार बजे के बाद धारचूला से ऊपर आदि कैलाश की तरफ, जबकि गुंजी से नीचे धारचूला की ओर यात्रा न करने की सलाह दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने एक वीडियो संदेश में बताया कि यह परामर्श बुधवार से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह परामर्श जारी किया गया है, क्योंकि शाम चार बजे के बाद धारचूला से व्यास या दारमा घाटी की ओर जाने में जोखिम हो सकता है।

जोशी के मुताबिक, बारिश के कारण दारमा और व्यास घाटियों में भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्र और खतरनाक हो सकते हैं, जो रात के समय में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस साल अब तक आदि कैलाश यात्रा पर 44,000 से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

जोशी ने कहा कि ऐसे में बिना एहतियात के यात्रा जारी रखना खतरनाक हो सकता है।

आदि कैलाश यात्रा इस साल एक मई को शुरू हुई थी।

भाषा

सं दीप्ति पारुल

पारुल


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