ओडिशा में एमबीबीएस छात्रा की मौत के मामले में प्रशासनिक सेवा का अधिकारी गिरफ्तार

ओडिशा में एमबीबीएस छात्रा की मौत के मामले में प्रशासनिक सेवा का अधिकारी गिरफ्तार

ओडिशा में एमबीबीएस छात्रा की मौत के मामले में प्रशासनिक सेवा का अधिकारी गिरफ्तार
Modified Date: June 13, 2026 / 04:21 pm IST
Published Date: June 13, 2026 4:21 pm IST

भुवनेश्वर, 13 जून (भाषा) कटक में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की तृतीय वर्ष की छात्रा का शव नदी में पाए जाने के कुछ दिन बाद पुलिस ने छात्रा के पूर्व प्रेमी और ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) के अधिकारी भीमसेन प्रसाद टुडू को गिरफ्तार कर लिया।

छात्रा के परिजन ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई थी।

छात्रा चंद्रिका हेम्ब्रम के परिवार ने कहा कि वह और टुडू स्कूल के दिनों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, पिछले 14 वर्ष से संबंध में थे और 2027 में विवाह करने की योजना बना रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि ओएएस में चयनित होने के बाद टुडू इस शादी से पीछे हट गया और हेम्ब्रम से दूरी बनाने लगा। परिवार का आरोप है कि वह अचानक उसके रंग-रूप के कारण उसे नापसंद करने लगा।

परिजनों के अनुसार, हेम्ब्रम गोरा होने के लिए कॉस्मेटिक उपचार करवा रही थी जबकि टुडू का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध बन गया था।

चंद्रिका हेम्ब्रम का शव चार जून की सुबह काठाजोडी नदी में उतराया हुआ पाया गया था। पुलिस ने कहा कि इसके तुरंत बाद टुडू फरार हो गया और बाद में उसने ओडिशा उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया।

एक अधिकारी ने कहा, ‘एक समन्वित तलाशी अभियान के तहत उसे शुक्रवार रात मयूरभंज जिले से गिरफ्तार किया गया। विस्तृत पूछताछ के लिए उसे कटक जिले के बरंग थाने लाया गया है।’

पीड़िता की मां, हीरामणि ने आरोप लगाया कि टुडू उनकी बेटी से कहा करता था कि वह सुंदर नहीं है और न ही गोरी है।

उसकी मां ने कहा, “वह ग्लूटाथियोन का इंजेक्शन लगवा रही थी।”

हेम्ब्रम का शव नदी में पाये जाने के बाद शुरू में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था। पोस्टमॉर्टम में डूबने और दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई थी, जबकि फॉरेंसिक जांच के दौरान ऐसी कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले थे जो किसी साजिश या हत्या का संकेत देते हों।

हालांकि, उसके परिवार ने इसे ‘सुनियोजित हत्या’ बताया।

हेम्ब्रम की मां ने सवाल किया, ‘मेरी बेटी घुटनों तक पानी में डूबकर कैसे मर सकती है?’

पुलिस ने कहा कि मृतक की मां की शिकायत के बाद फॉरेंसिक और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) तकनीक की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जांच के तहत पीड़िता और आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, चैट और एक निजी डायरी की जांच की जा रही है।

कटक में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश ज्ञानदेव खिलारी ने कहा, ‘प्रथम दृष्टया जांच से संकेत मिलता है कि टुडू एमबीबीएस छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार हो सकता है। हमें टुडू के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।’

अधिकारी ने कहा, ‘उसका लैपटॉप और टैबलेट जब्त कर लिया गया है तथा व्हाट्सऐप का डेटा भी प्राप्त हुआ है। वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था।’

भाषा जोहेब संतोष

संतोष


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