तमिलनाडु विधानसभा में प्रशासनिक तनाव, केंद्रीय एजेंसियों की जांच को लेकर तीखी बयानबाजी
तमिलनाडु विधानसभा में प्रशासनिक तनाव, केंद्रीय एजेंसियों की जांच को लेकर तीखी बयानबाजी
चेन्नई, 11 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को प्रशासनिक ‘तनाव’ और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच को लेकर तीखी बयानबाजी हुई।
बयानबाजी के दौरान नेता प्रतिपक्ष द्रमुक के उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सत्तारूढ़ टीवीके इस समय सीबीआई जांच और आयकर मामलों के कारण दबाव का सामना कर रही है।
इस पर ग्रामीण विकास और जल संसाधन मंत्री एन आनंद ने जवाब देते हुए कहा कि जनसमस्याओं को सुलझाने और अपनी जिम्मेदारियां निभाने के दौरान मंत्रियों पर ‘तनाव’ बढ़ रहा है।
आनंद ने कहा, “हम इस तनाव का सामना कर रहे हैं क्योंकि विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं पर कड़ी नजर रखने वाले मुख्यमंत्री (सी. जोसेफ विजय) कभी भी हमें बुला सकते हैं और काम नहीं करने पर फटकार लगा सकते हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का “तनाव” पूरी तरह प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर है, न कि राजनीतिक डर के कारण।
उदयनिधि ने दावा किया कि विपक्ष शांत है और किसी ‘तनाव’ में नहीं है, क्योंकि उनकी अंतरात्मा साफ है।
उन्होंने कहा, “आप जानते हैं कि आप सीबीआई और आयकर विभाग की जांच का सामना कर रहे हैं।”
यह बयानबाजी उस समय शुरू हुई जब टीवीके विधायक सुकुमार ने कहा कि उनकी पार्टी को किसी बात का डर नहीं है, क्योंकि उनका अंतरात्मा साफ है।
विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो रहा है, इसलिए सदस्यों को गरिमा बनाए रखनी चाहिए और व्यक्तिगत राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय नीतिगत मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा, “जनता हर गतिविधि और हर बयान को सीधे तौर पर देख रही है।”
उन्होंने सदस्यों को अपनी-अपनरी सीट पर बैठने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, “सीधे प्रसारण के कारण मतदाता अपने प्रतिनिधियों के आचरण का सीधे मूल्यांकन करते हैं। सदस्यों को इस सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए और औपचारिक एजेंडे पर ध्यान देना चाहिए।”
भाषा जोहेब सुरेश
सुरेश

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