भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से रांची प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांगी अनुमति

भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से रांची प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांगी अनुमति

भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से रांची प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांगी अनुमति
Modified Date: August 11, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:38 pm IST

रांची, 11 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो से रांची जिला प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की अनुमति देने का मंगलवार को आग्रह किया। भाजपा का आरोप है कि जिला प्रशासन ने एक दिन पहले उसके विधायकों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया था।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सोमवार को भाजपा के विधायक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सके, क्योंकि मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के कार्यक्रम के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

उन्होंने 10 अगस्त को भाजपा विधायकों को विधानसभा में आने से कथित तौर पर रोकने के लिए रांची जिला प्रशासन के खिलाफ ‘‘विशेषाधिकार हनन’’ का प्रस्ताव लाने की मांग की।

मरांडी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि रांची जिला प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की अनुमति दी जाए, क्योंकि सोमवार को हमें पहले पूरक बजट पर बहस और मतदान सहित सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही में भाग लेने से रोका गया था।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम सोमवार को छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने की कोशिश कर रहे थे, तभी रांची पुलिस ने हमें हिरासत में ले लिया।’’

परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को मुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और मरांडी भी शामिल थे।

इस बीच, भाजपा विधायक राज सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि रांची जिला प्रशासन ने उन्हें और कई अन्य विधायकों को 10 अगस्त को मानसून सत्र की कार्यवाही में शामिल होने से रोक दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अनुदान की पहली अनुपूरक मांगों पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा में भाग लेने और विशेष रूप से उस दिन की कार्यवाही के दौरान अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के अवसर से वंचित कर दिया गया।’’

सिंह ने पत्र में कहा कि विधायक राज्य के छात्रों के रोजगार से जुड़े अहम मुद्दों और कानून-व्यवस्था की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए उनसे मिलने जा रहे थे, तभी रांची जिला प्रशासन ने ‘‘सार्वजनिक स्थान पर हमें जबरन रोक दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस कार्रवाई से न केवल मेरी गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि बिना किसी कारण या पूर्व सूचना के हमें विधानसभा की कार्यवाही से भी दूर रखा गया।’’

विधायक ने कहा कि राज्य के जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मानसून सत्र के बारे में विधिवत जानकारी दी गई थी और ‘‘इस तरह सदन की कार्यवाही में शामिल होने से जबरन रोकना विशेषाधिकार हनन और असंवैधानिक कृत्य है।’’

सिंह ने पत्र में कहा, ‘‘अतः मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर सदन के माध्यम से इस विशेषाधिकार हनन के संबंध में कार्यवाही शुरू करने की कृपा करें।’’

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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