दक्षिणपंथी टिप्पणीकार को ‘खामी’ के कारण जमानत मिल गयी: केरल के मंत्री

दक्षिणपंथी टिप्पणीकार को ‘खामी’ के कारण जमानत मिल गयी: केरल के मंत्री

दक्षिणपंथी टिप्पणीकार को ‘खामी’ के कारण जमानत मिल गयी: केरल के मंत्री
Modified Date: August 11, 2026 / 09:45 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:45 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 11 अगस्त (भाषा) केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि दक्षिणपंथी राजनीतिक टिप्पणीकार टी जी मोहनदास को एक ‘‘खामी’’ की वजह से जमानत मिल गयी है।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वी मुरलीधरन ने उनकी गिरफ़्तारी को राज्य सरकार द्वारा ‘‘बदले की भावना से की गयी एक चुनिंदा कार्रवाई’’ बताया।

नयी दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र पेपर लीक को लेकर हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन के बारे में यूट्यब वीडियो पर कथित तौर पर टिप्पणी करने को लेकर पुलिस ने सोमवार सुबह मोहनदास को गिरफ़्तार किया था। उन्हें उसी दिन ज़मानत पर रिहा कर दिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें पता चला है कि अभियोजन पक्ष प्रभावी नहीं रहा, सरकार इसकी वजह की जांच करेगी और उचित कदम उठाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘उन पर ऐसे अपराधों के आरोप थे जिनमें आसानी से ज़मानत नहीं मिलती, क्योंकि उन्होंने वैसे ही बयान दिए थे। उन्हें एक कानूनी खामी की वजह से ज़मानत मिल गई। फिर भी, सरकार इस मामले में सख़्त कदम उठाएगी।’’

दूसरी ओर, कझाकूटम विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक वी मुरलीधरन का मानना है​ कि मोहनदास की गिरफ़्तारी सरकार की ओर से ‘चुनिंदा प्रतिशोध’ थी।

उन्होंने कहा कि मोहनदास की टिप्पणी के बारे में भिन्न-भिन्न राय हो सकती है लेकिन जिन लोगों ने प्रधानमंत्री एवं उनकी मां के विरुद्ध ‘घिनौनी’ टिप्पणियां की, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ लोगों को बचा रही है, जबकि दूसरों के ख़िलाफ़ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई कर रही है।

मोहनदास को भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और केरल पुलिस अधिनियम के तहत विभिन्न अपराधों के आरोप लगाये गए हैं।

यह मामला एक शिकायत के बाद दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मोहनदास के यूट्यूब चैनल ‘पत्रिका’ पर अपलोड किए गए वीडियो का मकसद सार्वजनिक शांति भंग करना और जनता के बीच भय और अशांति पैदा करना था।

वीडियो में, मोहनदास ने कथित तौर पर कहा कि दिल्ली के छात्र-प्रदर्शन से ‘‘सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं हो सकती हैं।’’ उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि कोई शिकायत नहीं होगी क्योंकि ‘‘विरोध में शामिल लोगों को दुष्कर्म पसंद है और ऐसी लड़कियां भी हैं जिन्हें दुष्कर्म में मज़ा आता है।’’

भाषा

राजकुमार अमित

अमित


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