पुणे के एक अस्पताल में नौ घंटे चले ऑपरेशन के जरिए डॉक्टर्स ने एक महिला के यूट्रस को उसकी विवाहित बेटी के शरीर में ट्रांसप्लांट करने में सफलता पाई है। डॉक्टर्स के मुताबिक, ये कोशिश कामयाब रही तो न सिर्फ बिना यूट्रस वाली महिलाएं भी बच्चे को जन्म दे सकेंगी बल्कि सरोगेसी की जरूरत भी खत्म हो जाएगी। पूरे एशिया में यह अपनी तरह का पहला ऑपरेशन।