नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सीमांत नगालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण (एफएनटीए) के गठन के लिए त्रिपक्षीय समझौता ‘‘ऐतिहासिक’’ है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति एवं समावेशी विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक ऐतिहासिक समझौता है, जो विशेष रूप से पूर्वी नगालैंड के विकास को गति प्रदान करेगा।’’
केंद्र सरकार ने पूर्वी नगालैंड की मांगों को पूरा करने के उद्देश्य से सीमांत नगालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन के वास्ते नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि इससे लोगों के लिए अवसरों और समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे। यह पूर्वोत्तर में शांति, प्रगति और समावेशी विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
समझौते पर बृहस्पतिवार को नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किया गया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘यह समझौता नगालैंड के छह जिलों — तुएनसांग, मोन, किपहिरे, लोंगलेंग, नोकलक और शमाटोर के लिए सीमांत नागालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण (एफएनटीए) के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगा और 46 विषयों के संबंध में एफएनटीए को शक्तियां हस्तांतरित करेगा।’’
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