अन्नाद्रमुक सांसद ने चार विधायकों के इस्तीफे और टीवीके में शामिल होने की सीबीआई जांच की मांग की

अन्नाद्रमुक सांसद ने चार विधायकों के इस्तीफे और टीवीके में शामिल होने की सीबीआई जांच की मांग की

Modified Date: May 28, 2026 / 01:18 pm IST
Published Date: May 28, 2026 1:18 pm IST

चेन्नई, 28 मई (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के सांसद एम धनपाल ने बृहस्पतिवार को अपनी पार्टी के चार नवनिर्वाचित विधायकों के इस्तीफे की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग की।

चारों विधायक इसी सप्ताह अपने पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो चुके हैं।

धनपाल ने यह भी आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक के चार विधायकों के इस्तीफे के पीछे बड़ी रकम का लेन-देन हुआ था।

उनकी यह अपील अन्नाद्रमुक के गुटों द्वारा एस पी वेलुमणि के नेतृत्व वाले बागी गुट से सुलह करने और पार्टी महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी के नेतृत्व को स्वीकार करने तथा एक ‘संयुक्त और मजबूत शक्ति’ के रूप में कार्य करने पर सहमत होने के एक दिन बाद आई है।

बागी विधायकों ने 27 मई को पलानीस्वामी के ग्रीनवेज रोड स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की और अन्नाद्रमुक महासचिव के प्रति अपना समर्थन फिर से व्यक्त किया।

राज्यसभा सांसद ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘चार विधायकों द्वारा शपथ लेने के तुरंत बाद इस्तीफा देने के कारणों की जांच होनी चाहिए।’

उन्होंने आरोप लगाया कि इन विधायकों का सत्ताधारी दल में शामिल होना तब हुआ जब विधानसभा में टीवीके के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था और वह (टीवीके) अन्नाद्रमुक को बर्बाद करने में असमर्थ थी।

धनपाल ने कहा, “ऐसी जानकारी मिली है कि बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए केंद्र को सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए। प्रवर्तन निदेशालय को इस घटना पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”

अन्नाद्रमुक के चार विधायकों- के. मरागथम कुमारवेल (मदुरंथकम विधानसभा क्षेत्र), एस. जयकुमार (पेरुंदुराई), पी. सत्यबामा (धारापुरम) और एसाक्की सुबाया (अंबासमुद्रम) ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और टीवीके में शामिल हो गए, जिससे राज्य में राजनीतिक दलों के बीच एक तीव्र बहस छिड़ गई।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) ने इस घटनाक्रम की आलोचना करते हुए इसे ‘अस्वस्थ राजनीति’ बताया।

माकपा के राज्य सचिव पी. षणमुगम ने कहा कि ये सदस्य पहले से ही दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने 13 मई को विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। षणमुगम ने कहा था कि इन विधायकों को तुरंत पार्टी में शामिल करना उनके इस कदम को बढ़ावा देने जैसा होगा।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा


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