कोटा-बूंदी को ‘जीरो फेटेलिटी मॉडल’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य: बिरला

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कोटा-बूंदी को ‘जीरो फेटेलिटी मॉडल’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य: बिरला

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 07:26 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 07:26 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि वह इस लक्ष्य को लेकर काम कर रहे हैं कि उनके क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में कोई मौत न हो।

यह बैठक सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संगठन ‘सेवलाइफ फाउंडेशन’ के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की गई।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में ‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम’ को प्रभावी ढंग से लागू करना, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और भविष्य में यह सुनिश्चित करना था कि किसी मौत न हो।

‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम’ सड़क हादसों में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने का एक बड़ा सरकारी और सामाजिक अभियान है जिसे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और ‘सेवलाइफ फाउंडेशन’ ने मिलकर शुरू किया है। इसका लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करना है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान बिरला ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क हादसों में सबसे अधिक जानें युवाओं की जाती हैं।

उन्होंने कहा कि यह न केवल परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि देश की उत्पादक कार्यशक्ति के लिए भी एक बड़ी हानि है।

बिरला ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे जन आंदोलन का रूप दिए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लक्ष्य केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना नहीं, बल्कि कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र को एक आदर्श ‘जीरो फेटेलिटी मॉडल’ के रूप में विकसित करना है।

भाषा हक हक माधव

माधव