एआईएनआरसी-भाजपा का गठबंधन ‘थका हुआ’, द्रमुक-कांग्रेस गठजोड़ ‘भ्रमित’ : विजय ने पुडुचेरी में कहा
एआईएनआरसी-भाजपा का गठबंधन ‘थका हुआ’, द्रमुक-कांग्रेस गठजोड़ ‘भ्रमित’ : विजय ने पुडुचेरी में कहा
पुडुचेरी, चार अप्रैल (भाषा) पुडुचेरी में सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों गुटों पर स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए टीवीके प्रमुख विजय ने शनिवार को अपनी पार्टी को एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में पेश किया और पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल करने के लिए पूरा प्रयास करने तथा मुफ्त बिजली सहित कई कल्याणकारी उपायों का वादा किया।
टीवीके प्रमुख विजय ने पुडुचेरी में ऑल इंडिया एआईएनआरसी-भाजपा के गठबंधन को ‘‘थका हुआ गठबंधन’’ करार देते हुए कहा कि इस गठबंधन में कोई जान नहीं रह गई है। उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)-कांग्रेस के गठबंधन को ‘‘भ्रमित गठबंधन’’ बताया।
विजय ने कहा, ‘‘तमिलनाडु में भी द्रमुक-कांग्रेस का गठबंधन भ्रमित है। पुडुचेरी में भी ऐसा ही है। एक और गठबंधन है, एनआर कांग्रेस (एएनआरसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठबंधन। यह एक थका हुआ गठबंधन है।’’
केंद्र शासित प्रदेश में नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट मांगते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ऐसे उम्मीदवारों का चयन किया है, जो जमीनी स्तर पर जनता के साथ खड़े हैं। मैंने उन्हें आपके हाथ में सौंप दिया है। हम अपनी जनता के साथ खड़े हैं। हमारे लोग आपके साथ खड़े हैं।’’
तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से घंटों पहले ही पुडुचेरी का माहौल बेहद जोशीला था। हजारों समर्थक और प्रशंसक पुडुचेरी की मुख्य सड़कों पर जमा हो गए थे, पार्टी के झंडे लहरा रहे थे और ‘‘थलपति’’ के नारे लगा रहे थे। विजय को लोग प्यार से ‘‘थलपति’’ कहकर संबोधित करते हैं।
रैली स्थल की ओर जाने वाली सड़क पीले और गहरे लाल रंगों से पटी थी और सड़कों के दोनों ओर नेता के विशाल-बड़े बड़े कटआउट लगे थे। भीषण गर्मी के बावजूद भीड़ का उत्साह बरकरार रहा और जिसके कारण प्रमुख चौराहों पर यातायात ठप हो गया।
ओरलेमपेट और थट्टनचावडी के लिए अपने उम्मीदवारों का परिचय देते हुए विजय ने अपने भाषण की शुरुआत में मतदाताओं से पारंपरिक गुटों को त्यागने का आग्रह किया। थट्टनचावडी में मुख्यमंत्री एन. रंगासामी और पूर्व मुख्यमंत्री वे. वैथिलिंगम (कांग्रेस) के बीच मुकाबला है।
उन्होंने कहा कि द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन ‘‘भ्रमित’’ है और कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में सहयोगी होने के बावजूद ‘‘वे एक-दूसरे का विरोध भी कर रहे हैं’’। उन्होंने टिप्पणी की, ‘‘यह गठबंधन सिर्फ नाम का है।’’
सत्तारूढ़ दल को निशाना बनाते हुए टीवीके नेता ने आरोप लगाया कि एएनआरसी और भाजपा लगातार एक-दूसरे से भिड़ते हैं, जिससे अनिश्चितता का माहौल बन रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक दिन गठबंधन की खबर आती है और अगले दिन कहते हैं कि गठबंधन नहीं है। वे हमें मोहरे के रूप में इस्तेमाल करके राजनीतिक खेल खेल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि टीवीके अकेले चुनाव लड़ रही है।
विजय ने पुडुचेरी को राज्य का दर्जा देने की दीर्घकालिक मांग पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र में कई वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस और भाजपा दोनों में से किसी ने भी पुडुचेरी को राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘दिवंगत सुषमा स्वराज के नेतृत्व वाली समिति ने 20 साल पहले राज्य का दर्जा देने की सिफारिश की थी, लेकिन किसी भी सरकार ने इसे लागू नहीं किया है।’’
उन्होंने संकल्प लिया कि टीवीके उपराज्यपाल के हस्तक्षेप के बिना पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास करेगी।
आवश्यक सेवाओं की कथित दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए विजय ने कहा कि गेहूं, चीनी और तेल जैसी प्रमुख वस्तुओं का वितरण लगभग पांच वर्षों से रुका हुआ है। उन्होंने इस प्रणाली में कार्यरत कर्मचारियों की दुर्दशा पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘राशन की दुकानों में गेहूं, मैदा, चीनी और तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं का वितरण पांच वर्षों से बंद है। इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि राशन दुकान के कर्मचारियों को पांच वर्षों से वेतन नहीं मिला है।’’
विजय ने ‘‘मिशन और एजेंडा’’ की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए घोषणा की कि अगर टीवीके सत्ता में आती है, तो वह छह महीने के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराएगी। उनके कल्याणकारी प्रस्तावों में 25,000 रुपये की मातृत्व सहायता, मछुआरों के लिए 20 रुपये की डीजल सब्सिडी और ‘‘पुडुचेरी यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज एंड आर्ट्स’’ की स्थापना शामिल थी। इसके अलावा, उन्होंने गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रत्येक परिवार के लिए 25 लाख रुपये की चिकित्सा बीमा का वादा किया।
पुडुचेरी की 30 सीट पर नौ अप्रैल को एक चरण में चुनाव होंगे।
भाषा सुरभि दिलीप
दिलीप

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