भारत-जापान द्विपक्षीय अभ्यास में दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों ने तेजस में भरी उड़ान
भारत-जापान द्विपक्षीय अभ्यास में दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों ने तेजस में भरी उड़ान
जोधपुर, 20 सितंबर (भाषा) भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के प्रमुख जनरल ताकेहिरो मोरिता ने रविवार को राजस्थान के जोधपुर में जारी भारत-जापान द्विपक्षीय वायुसेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन’ के तहत स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने तेजस लड़ाकू विमान में अकेले उड़ान भरी, जबकि जनरल मोरिता ने तेजस के प्रशिक्षण विमान में भारतीय वायुसेना के एक पायलट के साथ उड़ान भरी। दोनों विमानों ने करीब 20-25 मिनट तक साथ-साथ उड़ान भरी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों प्रमुखों ने एयरबेस के ऊपर एक साथ उड़ान भरने के बाद अलग-अलग होकर विमानों को उतारा।
उड़ान के बाद सिंह ने कहा कि जनरल मोरिता का तेजस में उड़ान भरने का निर्णय स्वदेशी विमान में उनके विश्वास का स्पष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच उड़ान प्रशिक्षण, विशेषकर लड़ाकू विमान प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं हैं।
सिंह ने कहा, “भारतीय धरती से पहली बार जापानी लड़ाकू विमानों का संचालन भारत-जापान रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।”
उन्होंने कहा कि संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखने, साथ उड़ान भरने और प्रशिक्षण के जरिए अपनी क्षमताओं को बेहतर करने का अवसर मिलता है।
मोरिता ने तेजस में उड़ान भरने के अनुभव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विमान भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं, तकनीकी नवाचार और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उन्हें भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण वातावरण और अभ्यास के महत्व को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि यह उड़ान दोनों वायुसेनाओं के बीच वर्षों से कायम विश्वास, भरोसे और मित्रता का प्रतीक रहेगी।
मोरिता ने कहा कि उन्नत प्रशिक्षण से दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास मजबूत होगा तथा व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जापानी लड़ाकू विमानों की भारत में तैनाती ने रक्षा सहयोग को केवल अभ्यास तक सीमित रखने के बजाय हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हवाई संसाधनों की तैनाती की क्षमता भी प्रदर्शित की है।
सिंह ने कहा कि भारतीय विमानन उद्योग, अनुसंधान एवं विकास तथा उत्पादन तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तेजस के बड़ी संख्या में विमानों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं, हालांकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी कुछ समस्याओं के कारण कुछ आपूर्ति प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि तेजस के अगले संस्करण मार्क-2 और भारत के पांचवीं पीढ़ी के मध्यम श्रेणी के उन्नत लड़ाकू विमान (एएमसीए) के साथ भारतीय रक्षा विमानन उद्योग और अनुसंधान एवं विकास नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
‘वीर गार्जियन’ अभ्यास नौ से 22 सितंबर तक जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। भारतीय वायुसेना इसमें तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रही है, जबकि जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स एफ-2ए लड़ाकू विमानों के साथ भाग ले रही है।
यह पहली बार है जब जापानी लड़ाकू विमान किसी द्विपक्षीय अभ्यास के तहत भारतीय धरती से संचालित हो रहे हैं। इस 14 दिवसीय अभ्यास के दौरान दोनों देशों के वायुसेना कर्मी उन्नत परिचालन अभियानों और पेशेवर आदान-प्रदान में हिस्सा ले रहे हैं।
भाषा बाकोलिया खारी
खारी

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