अकाल तख्त ने पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला को खालसा पंथ से निष्कासित किया

अकाल तख्त ने पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला को खालसा पंथ से निष्कासित किया

अकाल तख्त ने पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला को खालसा पंथ से निष्कासित किया
Modified Date: September 20, 2026 / 07:36 pm IST
Published Date: September 20, 2026 7:36 pm IST

अमृतसर, 20 सितंबर (भाषा) अकाल तख्त ने रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला और अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया।

सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के सचिवालय में पांच सिख जत्थेदारों की बैठक के बाद यह घोषणा की गई।

यह घटनाक्रम चावला के खिलाफ आनंदपुर साहिब में एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म, बंधक बनाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद चावला ने एसजीपीसी सदस्य और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

हालांकि, चावला ने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया था।

बैठक में पांच सिख जत्थेदार शामिल हुए। इनमें अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज, स्वर्ण मंदिर के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह, अकाल तख्त के ग्रंथी गुरबख्श सिंह, तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार टेक सिंह और अकाल तख्त के पंज प्यारे समूह के सदस्य मंगल सिंह शामिल थे।

जत्थेदार ने सिख मर्यादाओं के कथित उल्लंघन के लिए चावला को सिख पंथ से निष्कासित कर दिया। उन्होंने सिख समुदाय को भी निर्देश दिया कि वह चावला से दूरी बनाए रखे और सिख संस्थानों में होने वाली किसी भी धार्मिक गतिविधि में उन्हें शामिल न होने दें।

अकाल तख्त साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को भी सिख पंथ से निष्कासित कर दिया गया। मलकीत पर एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर शिकायतकर्ता महिला को अश्लील संदेश भेजने का आरोप था।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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