(फोटो के साथ)
जैसलमेर, 24 फरवरी (भाषा) भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को पश्चिमी राजस्थान के थार रेगिस्तान में स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘वायु शक्ति’ का फुल ड्रेस अभ्यास किया। इसका मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित होगा।
भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों ने इस अभ्यास में भाग लिया, जिसमें समन्वित हमलों और एकीकृत अभियानों का अभ्यास किया गया, ताकि वास्तविक युद्ध जैसी स्थिति का अनुभव कराया जा सके।
इस अभ्यास का लक्ष्य समन्वित अभियानों के माध्यम से परिचालन तत्परता, सटीक हमले की क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना है।
हालांकि, तकनीकी समस्या के चलते तेजस लड़ाकू विमान ने इस अभ्यास में भाग नहीं लिया।
सुखोई-30 एमकेआई विमानों ने दुश्मन के रनवे और ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि मिग-29 विमानों ने टैंकों के काफिले पर हमला किया। आकाश मिसाइल प्रणाली ने भी लक्ष्यों को भेदा।
सी-130 विमान ने रात में लैंडिंग की और सी-295 परिवहन विमान ने भी लैंडिंग का अभ्यास किया। प्रचंड और अपाचे हेलीकॉप्टरों के साथ जगुआर विमान ने भी इस अभ्यास में भाग लिया।
वायुसेना के गरुड़ कमांडो हेलीकॉप्टर से एक इमारत पर उतरे और आतंकवाद-रोधी अभियान का अभ्यास किया। उन्होंने खिड़कियां तोड़ीं, आसपास मौजूद आतंकवादियों को निष्क्रिय किया और बंधकों को मुक्त कराया। इसके बाद सी-130 विमान ने रात में रनवे पर उतरकर कमांडो को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस अभ्यास के बाद वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक ड्रोन शो आयोजित किया गया। ड्रोन ने भारत का नक्शा बनाया, आतिशबाज़ी से आसमान को रोशन किया और विमान की प्रतीकात्मक संरचना प्रदर्शित की। शो में ऑपरेशन सिंदूर को भी दर्शाया गया।
भाषा
बाकोलिया
रवि कांत