(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी से ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
अल बुदैवी इस समय भारत की यात्रा पर हैं।
जीसीसी एक प्रभावशाली समूह है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत शामिल हैं।
जयशंकर और अल बुदैवी के बीच बैठक उसी समय हुई, जब भारत और खाड़ी सहयोग परिषद ने एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने के वास्ते एक संयुक्त दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
विदेश मंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हमारे रणनीतिक संवाद पर आधारित भारत-जीसीसी संयुक्त कार्य योजना व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा, कृषि, सुरक्षा और जन-जन संबंधों के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाती है।”
उन्होंने लिखा, “मैंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौता हमारी साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगा।”
भारत सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, यह मुक्त व्यापार समझौता एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के साथ व्यापार को बढ़ावा देने और उसका विस्तार करने की अपार क्षमता रखता है, जिसके साथ भारत के व्यापार और वाणिज्य में लंबे समय से ऐतिहासिक संबंध रहे हैं।
जीसीसी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार समूह है। उसके साथ द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 178.56 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत के कुल वैश्विक व्यापार का 15.42 प्रतिशत है।
पिछले पांच वर्षों में भारत का जीसीसी देशों के साथ व्यापार लगातार बढ़ा है, जिसकी वार्षिक औसत वृद्धि दर 15.3 प्रतिशत रही है।
भाषा पारुल सुरेश
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