आइसा ने प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ का आरोप लगाया, हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई की मांग

आइसा ने प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ का आरोप लगाया, हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई की मांग

आइसा ने प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ का आरोप लगाया, हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई की मांग
Modified Date: July 28, 2026 / 09:11 pm IST
Published Date: July 28, 2026 9:11 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि परीक्षा पेपर कथित तौर पर लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर देशभर में कार्रवाई की जा रही है, जबकि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आइसा नेताओं ने दावा किया कि बिहार और दिल्ली समेत कई राज्यों में गिरफ्तारियां, हिरासत और पुलिस कार्रवाई जारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं और उन्हें मनमाने तरीके से हिरासत में लिया जा रहा है।

संवाददाता सम्मेलन को आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई की सचिव अंजलि, प्रदर्शन के स्वयंसेवक एम. जुनैद और अवैध हिरासत के खिलाफ कानूनी टीम से जुड़े अधिवक्ता माणिक गुप्ता ने संबोधित किया।

प्रभावित राज्यों के दौरों पर आधारित एक ‘तथ्य-खोज रिपोर्ट’ पेश करते हुए, आइसा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया और देश के कई हिस्सों में मनमाने ढंग से गिरफ्तारियां कीं।

नेहा ने कहा, ‘‘हमें आश्वासन दिया गया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन हमने देशभर में छात्रों की लगातार गिरफ्तारियां, मनमानी हिरासत और उन्हें डराने-धमकाने की घटनाएं देखी हैं। सरकार को अपने वादे निभाने चाहिए, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करना चाहिए और छात्रों की चिंताओं पर बातचीत करनी चाहिए।’’

आइसा के अनुसार, बिहार में विरोध प्रदर्शनों के बाद 600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 355 को रिहा कर दिया गया, जबकि 300 से अधिक लोग जेल में ही रहे।

छात्र संगठन ने दावा किया कि भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरभ, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय और आइसा के कई कार्यकर्ता उन लोगों में शामिल हैं जो अभी भी बिहार की बेउर जेल में बंद हैं।

नेहा ने कहा कि वह पटना में घायल प्रदर्शनकारियों से मिली थीं, जिनमें दो ऐसे छात्र भी शामिल थे जिनको सिवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर पीटा था।

उन्होंने कहा, ‘‘एक व्यक्ति के कंधे में गंभीर चोट आई है, जबकि दूसरे के पैर में गंभीर चोट लगने के कारण उसे सर्जरी की जरूरत है।’’

आइसा ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने एके-47 राइफल और पिस्तौल जैसे आग्नेयास्त्रों का इस्तेमाल किया।

आइसा ने केंद्र सरकार से देशभर में छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग की तथा प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिए गए लोगों की तत्काल रिहाई की अपील की।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल


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