आइसा ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस बर्बरता का आरोप लगाया, कार्रवाई की मांग की

आइसा ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस बर्बरता का आरोप लगाया, कार्रवाई की मांग की

आइसा ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस बर्बरता का आरोप लगाया, कार्रवाई की मांग की
Modified Date: July 21, 2026 / 06:21 pm IST
Published Date: July 21, 2026 6:21 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आइसा नेताओं और सोमवार के प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनके साथ मारपीट की।

सोमवार का प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर आयोजित किया गया था। इसमें छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से जाहिर होता है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। नेहा ने सोमवार को 23 दिन से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त की थी।

उन्होंने आरोप लगाया, “छात्रों के मुद्दों का जवाब देने के बजाय सरकार ने अवरोधकों और लाठियों का सहारा लिया। छात्र शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल उठाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ा।”

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की संगठन की मांग दोहराते हुए कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।

संवाददाता सम्मेलन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की, उन्हें घसीटा और भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान बल प्रयोग किया।

आइसा ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए।

संगठन के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय में आइसा के पदाधिकारी रोविन के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें अन्य चोटें भी आई हैं।

छात्र संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई कार्यकर्ताओं की गर्दन, पीठ, हाथ और पैरों में चोटें आईं, जबकि एक अन्य छात्र के कंधे की हड्डी खिसक गई।

सोमवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर भारी अवरोधक लगाकर रोक दिया था।

मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए सैकड़ों छात्र जंतर-मंतर पर जुटे।

भाषा तान्या दिलीप

दिलीप


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