अजंता गुफाएं: मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए तेज ‘परफ्यूम’ और शोर करने से बचने की सलाह

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अजंता गुफाएं: मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए तेज ‘परफ्यूम’ और शोर करने से बचने की सलाह

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 02:32 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 02:32 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, 24 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र की विश्व प्रसिद्ध अजंता गुफाओं के पास मधुमक्खियों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों से तेज सुगंध वाले ‘परफ्यूम’ के उपयोग और शोर करने से बचने की अपील की है। इसके साथ ही इसने जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा भी की है।

वन विभाग ने हाल ही में जिले में स्थित अजंता गुफा क्षेत्र का सर्वेक्षण किया, जिसमें गुफा संख्या 1 से 26 तक शामिल थीं।

विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सर्वेक्षण के दौरान मधुमक्खियों के तीन छत्ते पाए गए, जिनमें से एक छत्ता गुफा संख्या 26 के पास और दो छत्ते गुफा संख्या 10 के पास हैं।

अधिकारी के अनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के स्थानीय प्रतिनिधियों को छत्तों के विस्तार को रोकने और मधुमक्खियों को वहां से हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

हाल के दिनों में गुफा परिसर के पास पर्यटकों पर मधुमक्खियों के हमलों की कई घटनाएं हुई हैं, जिसके मद्देनजर वन विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करने का निर्णय लिया है।

अधिकारी ने कहा, “हमने अजंता गुफा परिसर में आने वाले पर्यटकों के लिए जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे तेज सुगंध वाले ‘परफ्यूम’ का उपयोग न करें, क्योंकि इससे मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं।”

उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही, उन्हें (आगंतुकों) तेज आवाज में बात करने से भी बचना चाहिए। संदेश प्रसार के लिए अगले कुछ दिनों में गुफा क्षेत्र में बैनर लगाए जाएंगे।”

अधिकारी ने कहा, “हम एएसआई कार्यालय को आवश्यक निर्देशों के साथ पत्र भी भेजेंगे और उम्मीद है कि वे मधुमक्खियों के हमलों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।”

अजंता गुफाओं को 1983 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल किया गया था।

भाषा

प्रचेता नेत्रपाल

नेत्रपाल