नई दिल्लीः Donald Trump PM Modi Talks: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। दोनों ने मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा की और कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहना बहुत जरूरी है। पीएम मोदी और ट्रंप के बीच की ये कॉल बेहद अहम है. क्योंकि ट्रंप ने हाल ही में ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का अल्टीमेटम दिया था, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर तेल गैस की कीमतों और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों नेताओं के बीच बातचीत की जानकारी दी।
President Donald Trump just spoke with Prime Minister Modi. They discussed the ongoing situation in the Middle East, including the importance of keeping the Strait of Hormuz open.
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) March 24, 2026
ईरान जंग को शुरू हुए एक महीना होने को है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसके अलावा ईरान का सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के कई कद्दावर नेता मारे गए हैं। इस मसले को लेकर मंगलवार को PM मोदी ने राज्यसभा में कहा कि युद्ध के बीच भारत कोशिश कर रहा है कि जहाज सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसके लिए भारत बातचीत का रास्ता अपना रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार हर जगह से तेल और गैस खरीदने की कोशिश कर रही है, क्योंकि पश्चिम एशिया के युद्ध से दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। PM मोदी ने कहा कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और स्ट्रेट ऑप होर्मुज खुला रहे। भारत की कोशिश है कि सभी देश आपस में बात करके शांति से समस्या हल करें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ईरान, इजराइल और अमेरिका से लगातार संपर्क में है, ताकि शांति बनी रहे।
एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के बिजली और ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले अमेरिकी हमलों को 5 दिन के लिए रोक दिया था। उन्होंने कहा था कि अच्छी बातचीत चल रही है और युद्ध खत्म करने की कोशिश हो रही है, हालांकि ईरान ने बातचीत से इनकार किया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप झूठ होल रहे हैं। ईरान युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाला दुनिया का करीब 20% तेल और गैस का कारोबार लगभग रुक गया है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने तेल सप्लाई में अब तक की सबसे बड़ी रुकावट बताया है।