फरीदकोट, 28 जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ‘बेअदबी विरोधी कानून’ का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि उसे अपने पिछले ‘कुकृत्यों’ का जवाब देना होगा।
यहां एक जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मान ने कहा, ‘‘अकाली ‘बेअदबी विरोधी कानून’ का पुरजोर विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि अतीत में किए गए कुकृत्यों की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अकाली उन विघटनकारी ताकतों के साथ मिले हुए थे जिन्होंने अतीत में ‘बेअदबी’ की साजिशें रची थीं। अब इन नेताओं को अपने नापाक कृत्यों का जवाब देना होगा। यही कारण है कि वे और उनके समर्थक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ का विरोध कर रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें ईश्वर ने ‘बेअदबी विरोधी कानून’ बनाने का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि जब-जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, तब-तब करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुईं।
मान ने कहा, ‘‘ईश्वर ने मुझे कानून विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह कानून लाने की बुद्धि और शक्ति प्रदान की।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस कानून का मसौदा पूरी सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में किसी संशोधन या कानूनी खामी के जरिए इसे कमजोर नहीं किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह कानून असामाजिक तत्वों को भविष्य में इस तरह की बेअदबी की घटनाएं करने से प्रभावी ढंग से रोकेगा और कोई भी व्यक्ति इस जघन्य अपराध को अंजाम नहीं दे सकेगा।’’
पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल को ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ को सर्वसम्मति से पारित किया था। इस विधेयक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास सहित कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई, बिना भ्रष्टाचार के युवाओं को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दीं, सड़कों में सुधार किया, टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत सुनिश्चित की, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया और कई अन्य महत्वपूर्ण पहल की हैं।’’
उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पंजाब में सिंचाई के लिए नहरों के पानी का केवल 22 प्रतिशत ही उपयोग हो रहा था।
मान ने कहा, ‘‘आज यह बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए अनुदान उपलब्ध कराकर भी निरंतर काम कर रही है।’’
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